केरलम के राज्यपाल के Instagram पर ‘भाजपा’ दिखने का आरोप, SFI पहुंची राष्ट्रपति के पास

तिरुवनंतपुरम में एसएफआई ने केरलम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के सोशल मीडिया विवरण पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ईमेल भेजा है। छात्र संगठन का कहना है कि पद पर रहते हुए किसी राजनीतिक दल का नाम प्रदर्शित करना संवैधानिक तटस्थता के नियमों के खिलाफ है। संगठन ने राज्यपाल कार्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए मामले में दखल देने का अनुरोध किया है।
तिरुवनंतपुरम, पांच नवंबर स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने केरलम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के इंस्टाग्राम हैंडल पर कथित तौर पर ‘भाजपा’ का नाम दर्ज होने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिकायत की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि यह संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षित राजनीतिक निष्पक्षता और तटस्थता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। एसएफआई मुख्य विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का छात्र संगठन है।
राष्ट्रपति को ईमेल के माध्यम से भेजी गई शिकायत में एसएफआई के तिरुवनंतपुरम जिला सचिव नंदन एम. ए. ने कहा कि किसी मौजूदा राज्यपाल के सोशल मीडिया खाते पर राजनीतिक दल का नाम होना निष्पक्षता और तटस्थता के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है। संगठन ने कहा कि किसी राजनीतिक दल के साथ इस तरह का जुड़ाव संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। शिकायत में कहा गया है कि राज्यपाल से संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करने की अपेक्षा की जाती है, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में।
भाजपा में विभिन्न पदों पर रहने सहित माथुर के इस पार्टी से पूर्व में जुड़े होने का हवाला देते हुए एसएफआई ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि राज्यपाल कार्यालय की गरिमा और राजनीतिक तटस्थता बनी रहे। लोक भवन ने इस शिकायत पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। माथुर ने 23 अक्टूबर को केरलम के 29वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी।
उन्होंने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का स्थान लिया है, जिन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राजस्थान के पाली जिले के बेडल गांव के निवासी माथुर ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।
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