Karnataka Foundation Day: 01 नवंबर को Karnataka मना रहा 70वां स्थापना दिवस, Mysore से जुड़ा है इतिहास

Karnataka Foundation Day
AI Image

हर साल 01 नवंबर को कर्नाटक राज्य स्थापना दिवस मनाया जाता है। भाषायी आधार पर 01 नवंबर 1956 को मैसूर स्टेट की स्थापना हुई थी, जिसका नाम साल 1973 में बदलकर कर्नाटक किया गया। यह दिन कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाता है।

हर साल 01 नवंबर को कर्नाटक राज्‍य स्‍थापना दिवस मनाया जाता है। देश में तमाम राज्यों की स्थापना भाषा के आधार पर हुई है। ऐसे में आज हम आपको कर्नाटक प्रदेश से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं। इस बार यानी की साल 2026 में कर्नाटक अपना 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर कर्नाटक की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को याद किया जाता है।

कर्नाटक का इतिहास

कर्नाटक को पहले मैसूर के नाम से जाना जाता है। साल 1973 में इसका नाम बदला गया था। इस राज्य को बनाए जाने की मांग तब तेज हुई, जब साल 1953 में आंध्र प्रदेश के बनने के बाद मद्रास के कई जिलों को मैसूर में मिला दिया गया था। जिसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया। इन लोगों ने अलग प्रदेश बनाए जाने की मांग की। बताया जाता है कि कन्नड़ भाषी लोग आंदोलन करने लगे, जिसके बाद सरकार को इन लोगों की बात माननी पड़ी। फिर 01 नवंबर 1956 को भाषायी आधार पर मैसूर स्टेट की स्थापना करनी पड़ी। वहीं साल 1973 में मैसूर का नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया।

महत्व

कर्नाटक स्थापना दिन सिर्फ स्थापना दिवस नहीं बल्कि कन्नड़ भाषी क्षेत्रों के एकीकरण और राज्य की अलग सांस्कृतिक पहचान का भी दिन है। 01 नवंबर को कर्नाटक राज्य में अलग-अलग सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही इस दिन कन्नड़ भाषा, नृत्य, संगीत, साहित्य और लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाता है।

कर्नाटक स्थापना दिवस राज्य के इतिहास को याद करने के अलावा राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उपलब्धियों को सामने रखने का मौका देता है। यहां की प्रमुख भाषा कन्नड़ है, जिसका समृद्धशाली साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़