सपा नेता Azam Khan को Supreme Court से झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस की अर्जी HC भेजी

उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की जमानत याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय भेज दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से 16 नवंबर को खंडपीठ के समक्ष इस पर सुनवाई करने और अंतरिम आदेश पारित करने का आग्रह किया।
नयी दिल्ली, पांच नवंबर उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन के एक नए मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने खान की याचिका को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया और मुख्य न्यायाधीश से 16 नवंबर को एक खंडपीठ के समक्ष इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय से 16 नवंबर को ही खान की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने को भी कहा।
खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दुर्भावनावश ईडी की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्हें रिहा किया जाने वाला था, तभी गिरफ्तार कर लिया गया। सिब्बल ने कहा, ‘‘वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि मैं (आजम खान) चुनाव के दौरान जेल में रहूं।’’ खान के वकील ने बताया था कि 78 वर्षीय सपा नेता को जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले के सिलसिले में एक नवंबर को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया था। कथित दोहरे पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल से जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद ईडी ने 31 अक्टूबर को धनशोधन के इस मामले में आजम खान को गिरफ्तार कर लिया था।
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