Illinois में चुनाव जीतीं Saba Haider बोलीं, गाजियाबाद में मिले संस्कारों से मिली जनसेवा की सीख

Illinois में चुनाव जीतीं Saba Haider बोलीं, गाजियाबाद में मिले संस्कारों से मिली जनसेवा की सीख
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

अमेरिका के इलिनोइस में 84वें हाउस डिस्ट्रिक्ट से निर्वाचित भारतीय मूल की सबा हैदर ने अपनी जीत के बाद गाजियाबाद में हुई परवरिश और माता-पिता की प्रेरणा को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने हमेशा जाति या पृष्ठभूमि देखे बिना जरूरतमंदों की मदद करने का सिद्धांत सिखाया। बचपन के इन्हीं अनुभवों ने शिक्षा, सुरक्षित समुदाय और रहन-सहन की लागत से जुड़े उनके राजनीतिक संकल्पों को तैयार किया है।

गाजियाबाद, छह नवंबर अमेरिका के इलिनोइस राज्य की प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित भारतीय मूल की सबा हैदर ने कहा कि गाजियाबाद में उनकी परवरिश और माता-पिता की प्रेरणा ने उन्हें जनसेवा का नजरिया दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी पृष्ठभूमि से आए लोगों की मदद की सीख बचपन से ही दी जाती थी। गाजियाबाद में सबा के परिवार ने उनका एक बयान मीडिया के साथ साझा किया गया, जिसमें उन्होंने कहा, “हमारे घर में, हम कभी यह नहीं पूछते थे कि आपके पास कितने पैसे हैं, या आप कहां से आए हैं।

हम बस यही पूछते थे-आपको किस चीज की जरूरत है? गाजियाबाद में भी यही होता था और अब इलिनोइस में भी यही हो रहा है-परिवार वही है, नियम भी वही है।” गाजियाबाद के एक उच्च-मध्यम वर्गीय परिवार में अपने बचपन को याद करते हुए, सबा ने बताया कि उनके माता-पिता एक सरल सिद्धांत का पालन करते थे, जो उनके परिवार की जीवनशैली का मुख्य आधार बन गया। उन्होंने कहा कि वह सिद्धांत किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना था, चाहे उसकी पहचान या हालात कुछ भी हों।

बयान में उन्होंने बताया कि उनके पिता एक सरकारी इंजीनियर थे और काम के लिए रोज पड़ोसी शहरों में जाते थे, जबकि उनकी मां घर संभालती थीं। सबा ने कहा कि वह अपने माता-पिता को पड़ोसियों को अस्पताल ले जाने, बच्चों को किताबें देने, बुजुर्गों की मदद करने और इलाके में बसने वाले नए परिवारों का मार्गदर्शन करते देखकर बड़ी हुईं। उन्होंने कहा, “हमने कभी नहीं पूछा कि वे कौन हैं, कहां से आए हैं, या बदले में क्या दे सकते हैं।

हमने केवल पूछा - आपको क्या चाहिए?” सबा ने कहा कि किशोरावस्था में उन्होंने भी यही तरीका अपनाया, घर पर पड़ोस के छोटे बच्चों को मुफ्त ट्यूशन पढ़ाया, बुजुर्ग पड़ोसियों का हालचाल जाना और सामुदायिक गतिविधियों को आयोजित करने में मदद की। उन्होंने कहा, “मेरे पिता ने मुझे सिखाया कि विशेषाधिकार आराम के लिए नहीं, सेवा के लिए है। वह दिन भर ईमानदारी से अपना काम करते थे और घर आकर पड़ोसियों की सेवा करते थे।” उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार आज भी उनका मार्गदर्शन करते हैं।

सबा ने कहा कि गाजियाबाद में उनका परिवार अब भी जरूरतमंदों की मदद करता है और वह इलिनोइस में भी उसी दृष्टिकोण का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बचपन के इन अनुभवों को अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए हैदर ने कहा कि इन्होंने जीवन-यापन की लागत से निपटने, शिक्षा को सस्ती बनाने और बच्चों के लिए सुरक्षित समुदाय सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को आकार दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे परिवार के लिए, जरूरतमंद की मदद करना कभी राजनीति नहीं थी।

यह बस हमारे जीने का तरीका था।” उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद से ताल्लुक रखने वाली सबा ने तीन नवंबर को हुए अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में इलिनोइस के 84वें हाउस डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़