पूर्व सांसद Prem Singh Chandumajra ने शिअद पुनर सुरजीत से दिया इस्तीफा

अकाली नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने मतभेदों के चलते शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) छोड़ दिया है। उन्होंने पंथ और पंजाब के हितों की खातिर साझा मंच पर एकता की वकालत की। सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिअद ने उनके फैसले का स्वागत किया है और उनकी वापसी की संभावना जताई जा रही है।
चंडीगढ़, चार नवंबर अकाली नेता और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने की घोषणा की। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह कदम ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व वाले अलग हुए धड़े के लिए झटका माना जा रहा है। चंदूमाजरा के सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में लौटने की संभावना है।
इस्तीफे में चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब और ‘पंथ’ के हितों की रक्षा के लिए सभी अकाली और पंथक समूहों का एक साझा मंच पर एकजुट होना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पंथक एकता की उनकी अपील पर शिअद (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया से उन्हें एहसास हुआ है कि ‘‘हमारी सोच, विचारधारा और काम करने का तरीका एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसी को देखते हुए मैंने अकाली दल (पुनर सुरजीत) से अलग होने का फैसला किया है। पंथ, पंजाब, पंजाबी और पंजाब के अधिकारों के हितों की रक्षा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले की तरह अटूट है।’’ शिअद (पुनर सुरजीत) का गठन पिछले साल उन असंतुष्ट अकाली नेताओं ने किया था, जो शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व के खिलाफ थे।
शिअद ने बुधवार को चंदूमाजरा के शिअद (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने और पंथक एकता का आह्वान करने के फैसले का स्वागत किया। पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिअद नेता बलविंदर सिंह भुंदर ने कहा कि चंदूमाजरा ने पंजाब, पंजाबियों और पंजाबी संस्कृति की बेहतरी के लिए काम करने का फैसला किया है।
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