UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में अब्दुल अल-सैयद की जीत का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ानी होगी। उन्होंने कृषि भवन परिसर स्थित मस्जिद हटाने के केंद्र के रुख पर भी सवाल उठाए।

हैदराबाद, चार नवंबर ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में मिशिगन की सीनेट सीट पर अब्दुल अल-सैयद की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का ‘‘अब्दुल’’ अब किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि नेता बनेगा। ओवैसी ने हाल के सप्ताहों में उत्तर प्रदेश में कई जनसभाओं को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि अब अब्दुल को दूसरों के लिए कालीन नहीं बिछाना चाहिए।

उनका इशारा इस ओर था कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी होगी। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब्दुल मिशिगन में सीनेटर बन गए।

मेरे बोलने के बाद अब्दुल मुद्दा बना या नहीं? भाजपा कहती थी कि अब्दुल (टायर का) पंक्चर सही करता है। लोकतंत्र में अब्दुल सीनेटर बन गया।

अब उत्तर प्रदेश का अब्दुल किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि विधायक बनेगा।’’ ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस रुख की आलोचना की, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के कृषि भवन परिसर में स्थित करीब एक सदी पुरानी मस्जिद को हटाया जाना जरूरी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि सरकार के कार्यालय परिसर में स्थायी धार्मिक ढांचे का निर्माण करना या उसे बनाए रखना स्वीकार्य नहीं है और यह सरकारी संपत्ति के ‘‘धर्मनिरपेक्ष’’ स्वरूप के अनुरूप भी नहीं है। ओवैसी ने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिल्ली के राजधानी बनने से पहले हुआ था और लुटियंस दिल्ली का विकास इसके आसपास हुआ।

उन्होंने मस्जिद को देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह वक्फ की पंजीकृत संपत्ति है और इसका मालिकाना हक वक्फ के पास है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार ने सेंट्रल विस्टा परियोजना का उद्घाटन भूमि पूजन के साथ किया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सार्वजनिक परियोजना के लिए एक धर्म की परंपराओं और अनुष्ठानों का इस्तेमाल करने से धर्मनिरपेक्षता आहत नहीं होती, लेकिन उस मस्जिद से परेशानी है जो 1912 से भी पहले से वहां मौजूद है, जबकि उस समय कृषि भवन का निर्माण भी नहीं हुआ था।’’ मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों और इनमें एआईएमआईएम की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि वह एसआईआर के विरोध में रहे हैं और उनकी पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐप तैयार किया है कि सभी वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें।

उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की रैली में शामिल नहीं होने को लेकर तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से सवाल क्यों नहीं पूछे गए, जबकि उनसे उनकी मौजूदगी के बारे में सवाल किया गया। हैदराबाद में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दौरान एक भी अवैध प्रवासी नहीं मिलने संबंधी मीडिया की खबरों के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने सवाल किया कि अब भाजपा के उन आरोपों का क्या होगा, जिनमें कहा गया था कि वहां की मतदाता सूचियों में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब अमित शाह क्या कहेंगे?

भाजपा के नेता क्या कहेंगे? आपको याद होगा कि उन्होंने हैदराबाद में (मतदाता सूचियों में शामिल अवैध प्रवासियों के खिलाफ) ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक करने का वादा किया था। उन्होंने पहाड़ खोदा, लेकिन उसमें से एक चूहा भी नहीं निकला।’’ ओवैसी ने कहा कि यदि मीडिया की खबरें सही हैं तो ‘‘संघ के लोगों’’ को इसका जवाब देना होगा।

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