Islamic State साजिश मामले में NIA अदालत ने हुजैर फरहान बेग को सुनाई 6 साल की सजा

Islamic State साजिश मामले में NIA अदालत ने हुजैर फरहान बेग को सुनाई 6 साल की सजा
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राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकी साजिश मामले में हुजैर फरहान बेग को 6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 58,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जांच एजेंसी के अनुसार बेग ने आतंकी गतिविधियों के लिए बेंगलुरु में ठिकाना मुहैया कराया था।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े आतंकी साजिश के एक मामले में हुजैर फरहान बेग को दोषी करार दिया और छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने हुजैर फरहान बेग उर्फ हुजैर पर 58,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कर्नाटक पुलिस ने 19 सितंबर 2022 को एक मामला दर्ज किया था, जिसकी जांच का जिम्मा 15 नवंबर 2022 को एनआईए ने संभाला।

जांच के दौरान शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली कस्बे में गुप्त रूप से काम करने वाले एक आईएस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था। जांच एजेंसी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आरोपी को कर्नल नाम के एक व्यक्ति से ऑनलाइन निर्देश मिल रहा था, जिसकी पहचान बाद में मोहम्मद शहीद फैसल के रूप में हुई। बयान में कहा गया कि वह विभिन्न आतंकी मामलों में एक भगोड़ा आरोपी है।

इसमें कहा गया कि फैसल भारत में इस्लामिक स्टेट की विचारधारा का प्रचार करने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था तथा उन्हें भर्ती कर रहा था। एनआईए ने कहा कि सह-आरोपी माज मुनीर अहमद और सैयद यासीन ने बेग को कट्टरपंथी बनाया और उसे भर्ती किया। बयान में कहा गया कि माज़ मुनीर अहमद के निर्देशों पर बेग ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए बेंगलुरु में एक ठिकाने का इंतजाम किया था।

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