ECI का बड़ा U-टर्न, फॉर्म 6 से हटाया SIR का कॉलम, 2 चुनाव आयुक्तों ने इस पर सवाल उठाए थे

भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म 6 से एसआईआर घोषणा को अलग कर दिया है। इसके अलावा, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आयोग ने बैठकों के एजेंडे और मिनट्स औपचारिक रूप से जारी करने तथा अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए पूर्व मंजूरी अनिवार्य करने जैसे आंतरिक प्रशासनिक सुधार किए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन राज्यों में, जहाँ 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया अभी चल रही है, ऑनलाइन फॉर्म 6 से 'SIR घोषणा' को पूरी तरह से अलग कर दिया है। यह कदम पहले किए गए उस बदलाव का विस्तार है, जिसके तहत उन राज्यों में फॉर्म 6 से इस घोषणा को पहले ही अलग कर दिया गया था, जहाँ SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस नए बदलाव के बाद, अब किसी भी राज्य में ऑनलाइन फॉर्म 6 आवेदन के हिस्से के रूप में 'SIR घोषणा' शामिल नहीं होगी। आवेदकों को अब इसे अलग से जमा करना होगा, न कि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए भरे जाने वाले आवेदन फॉर्म के हिस्से के रूप में। यह निर्णय तब लिया गया है जब दो चुनाव आयुक्तों ने फॉर्म 6 के साथ SIR घोषणा को जोड़ने को लेकर चिंता जताई थी। आयोग ने अब इस अलगाव (separation) को सभी राज्यों तक बढ़ा दिया है, जिनमें वे राज्य भी शामिल हैं जहाँ मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (intensive revision) का काम चल रहा है।
इसे भी पढ़ें: Cabinet ने Fast Track Special Courts योजना 5 साल बढ़ाई, PM Modi बोले- त्वरित न्याय मिलेगा
यह कदम चुनाव आयोग के भीतर किए जा रहे व्यापक प्रशासनिक बदलावों का हिस्सा है। इन नए आदेशों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और आयोग के कामकाज को सुव्यवस्थित करना है। ये बदलाव ऐसे समय में हुए हैं जब विपक्षी दल, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है। राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं ने दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व किया है, जबकि ये विरोध-प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी फैल गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित करना है।
इसे भी पढ़ें: Election Commission का फैसला: SIR मसौदे से छूटे दिल्ली के वोटर बिना कानूनी कार्रवाई के भरें Form 6
ECI ने अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली में बदलाव किए हैं
फॉर्म 6 में किए गए बदलावों के अलावा, चुनाव आयोग ने अपनी आंतरिक बैठकें आयोजित करने की प्रक्रिया में भी संशोधन किया है। अब बैठकों के एजेंडे पहले ही जारी कर दिए जाते हैं, और बैठकों के बाद उनके मिनट्स (कार्यवृत्त) औपचारिक रूप से जारी किए जाते हैं। पहले ऐसा नहीं किया जाता था। इन बदलावों का उद्देश्य आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाना है, और यह सुनिश्चित करना है कि बैठकों के दौरान हुई चर्चाओं और लिए गए निर्णयों का औपचारिक रिकॉर्ड रखा जाए। एक और बदलाव ECI के साथ काम करने वाले अधिकारियों की विदेश यात्राओं से संबंधित है। संशोधित प्रक्रिया के तहत, अब अधिकारियों को विदेश यात्रा पर जाने से पहले आयोग से मंजूरी लेनी होगी। पहले की व्यवस्था में ऐसी पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं थी।
नए IT मॉड्यूल की जांच अब एक समिति करेगी
नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मॉड्यूल को विकसित करने और मंजूरी देने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए मॉड्यूल के प्रस्तावों को आयोग के सामने विचार के लिए रखने से पहले, एक समिति के पास भेजा जाएगा। इससे पहले, मंजूरी की यह प्रक्रिया चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के बीच विवाद का विषय रही थी। नई व्यवस्था के तहत, प्रस्तावों के आयोग तक पहुंचने से पहले एक समिति स्तर पर उनकी समीक्षा की जाएगी।
अन्य न्यूज़













