Kotia के 300 लोगों ने Andhra Pradesh चुनाव में डाला वोट, Odisha सरकार ने जांच के दिए आदेश

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

ओडिशा के कोरापुट जिले के सीमावर्ती कोटिया क्षेत्र के करीब 300 निवासियों ने नदी और पहाड़ियां पार कर आंध्र प्रदेश के पंचायत चुनाव में मतदान किया। ओडिशा प्रशासन ने नेराडिवलसा में बने मतदान केंद्र को सील कर दिया था, जिसके बाद मतदाताओं ने पड़ोसी राज्य के सारिकी गांव पहुंचकर वोट डाला। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने दोहरे मतदाता पहचान पत्र रखने वालों की जांच कराने का ऐलान किया है।

भुवनेश्वर, पांच नवंबर ओडिशा में कोरापुट जिले के कोटिया क्षेत्र के करीब 300 लोगों ने बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश के पंचायत चुनाव में मतदान किया। इससे एक दिन पहले, ओडिशा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित नेराडिवलसा गांव में आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा बनाए गए एक मतदान केंद्र को सील कर दिया था। हालांकि, वहां के निवासी आंध्र प्रदेश के सारिकी गांव तक पहुंचने में सफल रहे, जहां मतदान केंद्र को स्थानांतरित किया गया था, और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

कोरापुट जिला प्रशासन ने प्रवेश बिंदुओं और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा कड़ी कर दी थी, वहीं कुछ लोगों ने नदी और पहाड़ियों को पार कर पड़ोसी राज्य पहुंचे। अन्य लोग मतदान में भाग लेने के लिए दो दिनों के लिए आंध्र प्रदेश में शरण लिये हुए थे। ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने भुवनेश्वर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हां, कोटिया ग्राम पंचायत के कुछ निवासियों को आंध्र प्रदेश के एजेंट बहला-फुसलाकर जंगल के रास्तों से मतदान कराने के लिए ले गए थे।

मतदान की तारीख से पहले कुछ लोगों को रहने की जगह भी दी गई थी। इनकी संख्या न के बराबर है।’’ इस बार प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि पड़ोसी राज्य कोटिया की जमीन पर अपने मतदान केंद्र नहीं स्थापित कर सके। मंत्री ने दावा किया कि कोटिया गांवों के समूह के मूल निवासियों ने आंध्र प्रदेश के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, वे स्वेच्छा से ओडिशा सरकार के साथ बने रहे हैं और उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया है।

पुजारी ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से उन लोगों की जांच करेंगे जिन्होंने आंध्र प्रदेश में वोट डाला है और यह भी देखेंगे कि उनके दो मतदाता पहचान पत्र कैसे बने। देश के एक नागरिक के पास केवल एक ही मतदाता पहचान पत्र हो सकता है, एक से अधिक नहीं।’’ अधिकारियों ने बताया कि कोटिया ग्राम पंचायत में लगभग 2800 मतदाता हैं। जयपुर के विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति, पोटांगी के विधायक रामचंद्र कदम और बीजू जनता दल (बीजद) नेता भृगु बक्सीपात्र ने मतदान करने के बाद नेराडिवलसा लौटे कुछ मतदाताओं से सवाल-जवाब किए।

उन्होंने उनसे पूछा कि विवाद जारी होने के बावजूद उन्होंने चुनाव में हिस्सा क्यों लिया। बहिनीपति ने कहा, ‘‘अगर आपने आंध्र के चुनाव में मतदान किया है, तो कोटिया छोड़कर वहीं जाकर बस जाएं। लोगों पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि आप यहां रहें और वहां मतदान करें।

यह स्वीकार्य नहीं है।’’ ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों ही राज्यों की सीमा पर स्थित कोटिया ग्राम पंचायत के 28 में से 21 गांवों पर अपना अधिकार जताते हैं। यह विवाद 1930 के दशक से चला आ रहा है। यह मामला 1968 से उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़