Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील

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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन की मांग करते हुए भाजपा सरकार पर शहरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा शासन में विकास कार्य ठप हैं और कांग्रेस दौर की कई जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। राज्य की 309 निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा।

जयपुर, सात सितंबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में राज्य के शहरों की उपेक्षा हुई है और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि राज्य में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव जनता के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में शहरों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और आम लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “शहरों की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं की गई, जिसके कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं भाजपा सरकार में या तो बंद कर दी गईं या केवल कागजों तक सीमित रह गईं।

इनमें पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, छात्रवृत्ति, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और इंदिरा रसोई योजना शामिल हैं। गहलोत ने कहा कि शहरों में आवारा पशुओं की समस्या, सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति, बढ़ता प्रदूषण और यातायात जाम से आम लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली कांग्रेस सरकार ने शहरी विकास का एक मॉडल तैयार किया था।

कोटा को सिग्नल मुक्त बनाया गया और जयपुर में भी कई प्रमुख चौराहों को सिग्नल मुक्त करने की योजना शुरू की गई। इसके अलावा सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार इस दिशा में कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर पाई है और कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई परियोजनाओं को भी रोक दिया गया है।

कांग्रेस नेता ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वार्ड पार्षद और महापौर का चुनाव केवल राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि इससे तय होगा कि स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवेज, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति कैसी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर हो गई है और आम जनता की सुनवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में हार के बाद ही सरकार को जनता की ताकत का एहसास होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि जनता अब सरकार की वास्तविक स्थिति समझ चुकी है और नौ तथा 11 सितंबर को मतदान के जरिए अपना जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जब जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी, तभी सरकार काम करने के लिए मजबूर होगी और इसका लाभ अंततः प्रदेश के लोगों को मिलेगा।

गहलोत ने प्रदेशवासियों से कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक कांग्रेस बोर्ड बनने से प्रदेश के विकास को फिर गति मिलेगी। गौरतलब है कि राजस्थान के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 सितंबर को की जाएगी।

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