हजारों स्पेशल ट्रेनें चलाने के दावों की जमीनी हकीकत क्या है? AC कोच को बना दिया जनरल बोगी, यात्रियों का सब्र टूटा, खींच दी चेन

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अभिनय आकाश । Nov 7 2026 12:38PM

त्योहारी सीजन में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण आरक्षित व एसी कोचों में जनरल यात्रियों के घुसने से लगातार विवाद हो रहे हैं। झारखंड और मध्य प्रदेश में यात्रियों के बीच झड़प और चेन पुलिंग की घटनाएं सामने आई हैं। पर्याप्त ट्रेनों की कमी और अव्यवस्था को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी जताई है।

त्योहारों का वक्त है। ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं है। जर्नल कोच से लेकर स्लीपर और एसी क्लास हर तरफ भीड़ का दबाव है। कई बार तो लोग इस भीड़ को बर्दाश्त कर लेते हैं, एडजस्ट कर लेते हैं। लेकिन त्योहारों के मौसम में भीड़ इस कदर बढ़ गई है कि अब रिजर्व कोच में सफर करने वाले यात्रियों का सब्र भी जवाब देने लगा है एसी कोच में बिना टिकट और जनरल टिकट वाले यात्रियों के घुसने से परेशान होकर रिजर्व क्लास के यात्रियों ने ट्रेन पुलिंग कर दी। ट्रेन को रोक दिया और रुकने के साथ मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान रिजर्व कोच के यात्री और बिना टिकट के यात्रियों के बीच जमकर बहसबाजी देखने को मिली। यह घटना झारखंड की बताई जा रही है।  हालांकि यह सिर्फ झारखंड की ही कहानी नहीं है। देश भर से ऐसे कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक अन्य घटना मध्य प्रदेश की भोपाल के संत हृदाराम नगर स्टेशन से सामने आई है। तस्वीरों में देखा गया कि एसी कोच का स्टाफ किस कदर जद्दोजहद कर रहा है ताकि अनरिजर्व टिकट को लेकर सफर कर रहे यात्री रिजर्व कोच में ना घुसने पाएं। तस्वीरों में दोनों पक्षों के बीच झड़प होती नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक कुछ यात्री वैध टिकट के बिना इसी कोच में घुसने की कोशिश कर रहे थे और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासनी हो गई। मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया।

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देखा जा सकता है कि बाहर खड़े यात्रियों में कितना गुस्सा है कि उन्हें अंदर नहीं आने दिया जा रहा। बावजूद इसके वह जानते हैं कि यह सरासर गलत है। हालांकि यहां दूसरे पक्ष को भी नकारा नहीं जा सकता। रिजर्वेशन कराकर सफर कर रहे यात्रियों की अपनी परेशानी है। वहीं दूसरी तरफ वो लोग जो जनरल टिकट पर सफर कर रहे हैं। जिन्हें सीट मिलना तो दूर डिब्बे में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही वो कहां जाएं? जाहिर सी बात है कि त्यौहार तो सभी अपनों के साथ मनाना चाहते हैं। घर जाना चाहते हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन की ओर से पर्याप्त ट्रेनों का इंतजाम नहीं किया गया तो क्या इसमें उनकी गलती है? इसी तरह का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। रिजर्व क्लास में कितनी भीड़ है। टिकट और जनरल क्लास के यात्री भी इस डिब्बे में सवार हैं और इसी बात पर रिजर्व क्लास के यात्री उन पर गुस्सा निकाल रहे हैं।

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गौरतलब है ऐसा पहली बार नहीं है जब त्यौहारों के सीजन में यह समस्या सामने आई हो। इससे पहले भी एसी और स्लीपर कोच में अनाधिकृत यात्रियों के घुसने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे को टैग कर सवाल उठाए कि रिजर्वेशन के लिए ज्यादा किराया देने के बावजूद अगर कोच में बैठने की जगह नहीं मिलेगी। उस डिब्बे में भी हर कोई सवार हो जाएगा। वो भी जिनके पास टिकट नहीं है तो फिर इस रिजर्व कोच का क्या फायदा? सोशल मीडिया पर वायरल होते इन वीडियो पर जब लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया तो रेलवे की ओर से वहीं ढाई टप्पे का जवाब सामने आया। शिकायत्तकर्ता से उनका मोबाइल नंबर और पीएनआर नंबर मांगा गया। रेलवे की ओर से पूछा गया कि आप इस घटना का टाइम और डेट यानी कि समय और दिनांक बताइए। रेलवे की इस बात पर लोग और भड़क गए। एक यूजर ने कहा एक ही कमेंट हर दिन क्या आपकी कोई जवाबदेही है? एक और यूजर ने कहा रेलवे सेवा बिल्कुल बेकार है। इस तरह की घटनाएं हर दिन होती हैं। लेकिन आपको तो पीएआर नंबर और मोबाइल नंबर की ज्यादा पड़ी है। सोशल मीडिया पर वायरल होते यह तमाम वीडियो यकीनन प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। 

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