New Zealand के खिलाफ पहले ODI में चमके Anshul Kamboj, बताई अपनी गेंदबाजी की रणनीति

Anshul Kamboj
प्रतिरूप फोटो
ICC
Ankit Jaiswal । Nov 4 2026 9:36PM

न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय गेंदबाज अंशुल कंबोज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता। 25 वर्षीय कंबोज ने 10 ओवर में केवल 22 रन देकर 2 विकेट चटकाए। मैच के बाद उन्होंने कहा कि सही लंबाई पर निरंतर गेंदबाजी करना और बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखना उनकी सफलता का मुख्य कारण रहा।

क्रिकेट में कई बार बड़ी सफलता के पीछे कोई खास रणनीति नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना अहम होता है। भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में शानदार गेंदबाजी कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कंबोज का कहना है कि उनका ध्यान फिलहाल एक समय में एक कदम आगे बढ़ने पर है। ईडन पार्क में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

25 साल के कंबोज ने पहले वनडे में अपने 10 ओवर के कोटे में 22 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में अहम योगदान दिया। मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि पिच की स्थिति को समझकर सही जगह गेंदबाजी करना उनकी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा था।

कंबोज ने कहा कि ईडन पार्क की पिच पर गेंद को कुछ स्विंग मिल रही थी, लेकिन इसका फायदा तभी उठाया जा सकता था, जब गेंद सही लंबाई पर डाली जाए। उनके मुताबिक, पिच से मदद हासिल करने के लिए सही जगह गेंदबाजी करना जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि गेंदबाजी करते समय वह मैच के नतीजे के बारे में नहीं सोच रहे थे, बल्कि उनका ध्यान लगातार सही क्षेत्र में गेंद डालने पर था।

ईडन पार्क के मैदान की छोटी-बड़ी सीमाओं को लेकर भी कंबोज ने खास चिंता नहीं जताई। उनका कहना था कि गेंदबाज को मैदान की सीमाओं के बजाय पिच और वहां की परिस्थितियों के हिसाब से अपनी योजना बनानी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर कोई गेंदबाज सही रणनीति के साथ गेंदबाजी करता है तो वह बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका नहीं देता।

कंबोज ने भारतीय गेंदबाजों के बीच तालमेल को भी जीत की अहम वजह बताया। उन्होंने कहा कि अगर एक छोर से गेंदबाज लगातार दबाव बना रहा है तो दूसरे छोर से विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। बल्लेबाजों को आसान रन नहीं देने चाहिए, क्योंकि दबाव बढ़ने पर वे बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं और इसी दौरान गलतियां कर बैठते हैं।

उन्होंने बताया कि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे, इसलिए उन्हें अतिरिक्त कोशिश करने की जरूरत नहीं पड़ी। उनका पूरा ध्यान सिर्फ सही जगह गेंद डालने पर था। इस मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने 70 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि गुरनूर बराड़ ने 44 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया। भारतीय गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड की टीम को दबाव में रखा।

कंबोज ने वनडे क्रिकेट में नई गेंद के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस प्रारूप में दोनों छोर से नई गेंद इस्तेमाल होती है, जिससे शुरुआती 10 से 15 ओवर में गेंद को अच्छी स्विंग मिल सकती है। गेंदबाजों को इस मौके का अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर बार नतीजा आपके पक्ष में नहीं आता, लेकिन अपनी योजना को सही तरीके से लागू करना खिलाड़ी के हाथ में होता है। टीम प्रबंधन की ओर से भी गेंदबाजों को यही संदेश दिया गया है कि अगर वे सही जगह गेंद डाल रहे हैं तो उसी रणनीति पर बने रहें।

बता दें कि भारत ने बारिश से प्रभावित पहले वनडे में न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में बढ़त बना ली है। लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली और टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा। यह सीरीज अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारी के लिहाज से भी दोनों टीमों के लिए अहम है। कंबोज ने कहा कि वह अगले मैच में भी इसी लय को बनाए रखना चाहते हैं और इसके लिए अच्छी तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।

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