FIFA President Gianni Infantino 2027 में नहीं लड़ सकते चौथा चुनाव, पूर्व अधिकारी का दावा

Gianni Infantino
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Nov 4 2026 10:06PM

फीफा के पूर्व शासन समिति प्रमुख मिगुएल मादुरो ने दावा किया है कि गियानी इन्फेंटिनो 2027 में चौथी बार अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। उन्होंने कहा कि फीफा के नियम अधिकतम 3 कार्यकाल की ही अनुमति देते हैं। वहीं, मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने भी सदस्य देशों से इन्फेंटिनो की उम्मीदवारी पर सवाल उठाने की अपील की है।

फीफा अध्यक्ष पद पर गियानी इन्फेंटिनो की दोबारा दावेदारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फुटबॉल की वैश्विक संस्था के पूर्व शासन समिति प्रमुख मिगुएल मादुरो ने दावा किया है कि फीफा के नियमों के अनुसार इन्फेंटिनो 2027 में चौथी बार अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। उनका कहना है कि संस्था के नियम किसी भी व्यक्ति को अधिकतम 3 कार्यकाल तक ही अध्यक्ष रहने की अनुमति देते हैं। ऐसे में इन्फेंटिनो की एक और पारी नियमों के खिलाफ होगी।

मादुरो ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में फीफा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि संस्था के नियमों की धारा 33 के दूसरे अनुच्छेद में साफ लिखा है कि कोई भी व्यक्ति 3 कार्यकाल से अधिक अध्यक्ष नहीं रह सकता। उनके मुताबिक, इन्फेंटिनो 3 बार अध्यक्ष चुने जा चुके हैं और इसलिए उनके लिए चौथी बार इस पद पर बने रहने का कोई रास्ता नहीं होना चाहिए।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मार्च 2027 में होने वाले फीफा अध्यक्ष चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम जमा करने की अंतिम तारीख नजदीक है। इस समय सीमा से करीब 2 सप्ताह पहले मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने फीफा के सदस्य देशों के फुटबॉल संघों को पत्र लिखकर इन्फेंटिनो की उम्मीदवारी पर सवाल उठाने और उन्हें चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

फेयरस्क्वेयर पहले भी फीफा से इस मामले में फैसला लेने की अपील कर चुका है। संगठन का तर्क है कि इन्फेंटिनो पहले ही अध्यक्ष के रूप में अधिकतम 3 कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। हालांकि, इन्फेंटिनो ने अपने पहले कार्यकाल को इस सीमा में शामिल नहीं करने का तर्क दिया था। वह 2016 में तत्कालीन अध्यक्ष सेप ब्लैटर के इस्तीफे के बाद विशेष कांग्रेस में चुने गए थे। उनका कहना था कि उन्होंने बीच में छोड़े गए कार्यकाल को पूरा किया था, इसलिए इसे पूरा कार्यकाल नहीं माना जाना चाहिए।

दिसंबर 2022 में फीफा परिषद ने सर्वसम्मति से यह माना था कि 2016 से 2019 तक का समय इन्फेंटिनो के कार्यकाल की सीमा में नहीं गिना जाएगा। हालांकि, फेयरस्क्वेयर का कहना है कि इस फैसले के पीछे दिए गए कारणों को सार्वजनिक नहीं किया गया। मादुरो ने भी इस दलील से असहमति जताई है। उनका कहना है कि नियमों में छोटे या अधूरे कार्यकाल के लिए कोई अलग छूट नहीं दी गई है। नियम केवल 3 कार्यकाल की बात करते हैं, चाहे उनकी अवधि 4 साल से कम ही क्यों न हो।

बता दें कि मिगुएल मादुरो पुर्तगाल के वकील हैं। उन्हें 2017 में फीफा की शासन समिति के प्रमुख पद से हटा दिया गया था। उस समय उन्होंने रूस के उप प्रधानमंत्री विताली मुत्को को संस्था की एक शीर्ष समिति में दोबारा चुने जाने से रोक दिया था।

दूसरी ओर, इन्फेंटिनो की चुनावी स्थिति फिलहाल मजबूत दिखाई दे रही है। पिछले महीने एशियाई फुटबॉल महासंघ के प्रमुख ने उनकी दावेदारी का समर्थन किया था। अलग-अलग महाद्वीपीय फुटबॉल संगठनों से मिल रहे समर्थन के कारण 211 सदस्य देशों के वोट वाले इस चुनाव में उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

मादुरो ने फीफा की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संस्था के भीतर अध्यक्ष की शक्तियों पर नजर रखने वाली समितियों की स्वतंत्रता कमजोर हुई है। इसके कारण अध्यक्ष के फैसलों की प्रभावी जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने सदस्य देशों के फुटबॉल संघों के चुप रहने की वजह डर का माहौल बताया।

फेयरस्क्वेयर के सह-संस्थापक और निदेशक निकोलस मैकगीहन के मुताबिक, संगठन ने 52 सदस्य संघों से संपर्क किया है, लेकिन अभी तक किसी ने जवाब नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि संगठन बुधवार को नॉर्वे के फुटबॉल अधिकारियों से मुलाकात करेगा। नॉर्वे फुटबॉल संघ पहले भी इन्फेंटिनो के खिलाफ राजनीतिक निष्पक्षता के नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायत का समर्थन कर चुका है। मैकगीहन ने दूसरे देशों के संघों से भी नियमों के पालन के लिए आगे आने की अपील की है। अब देखना होगा कि फीफा इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और इन्फेंटिनो की चौथी बार अध्यक्ष बनने की कोशिश को लेकर क्या फैसला होता है।

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