Kolkata में 65 और Delhi में 64 रुपये प्रति किलो पहुंची चीनी, महानगरों में खुदरा भाव में उछाल

सरकारी प्रयासों के बावजूद कम उत्पादन और त्योहारी मांग के कारण पिछले एक महीने में चीनी की कीमतें चार रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक बढ़ गईं। सालाना आधार पर खुदरा और थोक कीमतों में 12-13 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने भंडार सीमा तय करने और जल्द पेराई जैसे कई कदम उठाए हैं।
त्योहारों के दौरान आपूर्ति की कमी दूर करने के लिए सरकार के प्रयासों के बावजूद खुदरा एवं थोक बाजारों में चीनी की कीमतें पिछले एक महीने में चार रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक बढ़ गई हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी का औसत दैनिक खुदरा और थोक मूल्य क्रमशः 59.50 रुपये प्रति किलोग्राम और 55.40 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। सालाना आधार पर कीमतें 12-13 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी हैं। एक साल पहले खुदरा बाजार में चीनी का भाव 46.50 रुपये प्रति किलोग्राम और थोक बाजार में 43.23 रुपये प्रति किलोग्राम था।
महानगरों में तीन नवंबर को कोलकाता में खुदरा चीनी का भाव सबसे अधिक 65 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि एक साल पहले यह 50 रुपये था। इसके बाद दिल्ली में कीमत 64 रुपये प्रति किलोग्राम (एक साल पहले 46 रुपये) और मुंबई में 61 रुपये प्रति किलोग्राम (एक साल पहले 45 रुपये) रही। कीमतें ऊंची रहने की मुख्य वजह 2025-26 में चीनी का उत्पादन पहले के अनुमान से कम रहना है।
त्योहारी मांग, फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और जमाखोरी ने भी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। सरकार ने भंडार सीमा तय करने, आयात, करीबी निगरानी और गन्ने की पेराई पहले शुरू कराने जैसे कदम उठाए हैं।
राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) ने सोमवार को कहा था कि भारत ने 2026-27 के चीनी सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के पहले महीने में 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया। पेराई सत्र आठ अक्टूबर को शुरू हुआ था और 30 अक्टूबर तक 152 मिलों ने चीनी का उत्पादन किया था। इससे जारी त्योहारों के दौरान घरेलू आपूर्ति बढ़ी है।
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