उम्र बाधा नहीं, BWF World Tour Finals के लिए PV Sindhu ने किया क्वालीफाई

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भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने दिसंबर में चीन में होने वाले प्रतिष्ठित सत्रांत टूर्नामेंट के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। हाइलो ओपन जीतने के बाद विश्व रैंकिंग में छठे पायदान पर पहुंचीं सिंधू ने कहा कि शरीर का ध्यान रखने पर बढ़ती उम्र में भी शीर्ष स्तर पर दबदबा बनाया जा सकता है। उन्होंने वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आगामी टूर्नामेंटों से ब्रेक लेकर आराम करने का फैसला किया है।

(अमित कुमार दास) नयी दिल्ली, चार नवंबर भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने दिसंबर में होने वाले सत्रांत बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है और इस दो बार की ओलंपिक पदक विजेता का मानना है कि शीर्ष स्तर का प्रतिस्पर्धा करने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। सिंधू महिला एकल बैडमिंटन खिलाड़ियों की उस ‘स्वर्णिम पीढ़ी’ का अहम हिस्सा रही हैं जिसमें कैरोलिना मारिन, नोजोमी ओकुहारा, रत्चानोक इंतानोन और ताई जू यिंग जैसी दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी शामिल हैं। यह भारतीय खिलाड़ी फिलहाल विश्व टूर क्वालीफिकेशन रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं।

सत्र के आखिरी टूर्नामेंट के लिए शीर्ष आठ खिलाड़ियों को जगह मिलती है। हैदराबाद की 31 वर्षीय सिंधू ने रविवार को हाइलो ओपन सुपर 500 का खिताब जीतकर इस सत्र की अपनी दूसरी ट्रॉफी हासिल की। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था जबकि पिछले महीने फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं।

हालिया प्रदर्शन की बदौलत सिंधू विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंच गई हैं। चीन में नौ से 13 दिसंबर तक होने वाले विश्व टूर फाइनल्स से पहले यह उनके लिए अहम उपलब्धि है। सिंधू ने कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि अब शीर्ष छह में पहुंच गई हूं।

मुझे लगता है कि अगर आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो जीत अपने आप मिलने लगती है और आपकी रैंकिंग भी बेहतर होती है। अगर आप अच्छा खेलते हैं और टूर्नामेंट जीतते हैं तो आपको सिर्फ रैंकिंग के बारे में सोचने की जरूरत नहीं होती। इसमें अपने आप सुधार होता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बैडमिंटन में लगातार बदलाव हो रहे हैं।

कोर्ट पर धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण है। अगले साल से प्रत्येक गेम 15 अंक का होगा इसलिए चीजें अलग होंगी। हमें उसके अनुसार खुद को ढालना होगा।

मुझे खुशी है कि मैं उस समय की स्वर्णिम पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ-साथ मौजूदा पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी चुनौती दे पा रही हूं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें भरोसा है कि वह अपने पुराने दबदबे वाले प्रदर्शन को दोहरा सकती हैं तो सिंधू ने कहा कि उन्हें इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बिल्कुल, क्यों नहीं? अगर आप अपने शरीर का ध्यान रखते हैं तो निश्चित रूप से ऐसा कर सकते हैं।

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने शरीर की देखभाल कैसे करते हैं। कई खिलाड़ी 30, 31 और 32 साल की उम्र में भी खेल रहे हैं। ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने इस उम्र में शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन किया है।

इसलिए दोबारा शीर्ष पर पहुंचने में क्या परेशानी है? मैं उस दिशा में आगे बढ़ रही हूं और वहां पहुंच भी चुकी हूं।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘मैं ऐसा इसलिए कह रही हूं क्योंकि मुझे पता है कि मैं अब भी ऐसा कर सकती हूं।’’ उन्होंने बताया कि आगामी विश्व टूर फाइनल्स को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कोरिया और जापान में होने वाले टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। पूर्व विश्व चैंपियन ने कहा, ‘‘टूर पर लंबे समय तक खेलने के बाद मैंने सोचा कि कोरिया ओपन और उसके बाद के टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं लूंगी क्योंकि मेरे लिए वापस आकर आराम करना भी जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने शरीर का ध्यान रखना और फिर अगले टूर्नामेंटों के लिए फिट होना महत्वपूर्ण था।

अब मैं इतनी युवा नहीं हूं लेकिन 31 की उम्र नई 21 है। इसलिए मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना होगा।’’

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