Voice Food Ordering: अब बोलिए और खाना घर पर, AI बदल देगा फूड ऑर्डर का तरीका

Voice Food Ordering
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अब तक ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के लिए यूजर्स को ऐप खोलना, रेस्टोरेंट चुनना, मेन्यू देखना, रेटिंग पढ़ना और फिर आइटम सिलेक्ट करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। कई बार सही डिश खोजने में भी परेशानी होती है। लेकिन नई वॉयस-आधारित तकनीक इस पूरे अनुभव को आसान बना रही है।

भारत में ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब वह समय दूर नहीं जब आपको अपने पसंदीदा खाने के लिए लंबी लिस्ट में स्क्रॉल करने या कीबोर्ड पर टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वॉयस टेक्नोलॉजी के आने से फूड ऑर्डर करना उतना ही आसान हो जाएगा जितना किसी दोस्त से बात करना। आने वाले समय में बातचीत ही नया यूजर इंटरफेस बनने वाली है, जो डिजिटल दुनिया को और ज्यादा सहज बना देगा।

स्क्रॉलिंग और सर्च का झंझट खत्म

अब तक ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के लिए यूजर्स को ऐप खोलना, रेस्टोरेंट चुनना, मेन्यू देखना, रेटिंग पढ़ना और फिर आइटम सिलेक्ट करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। कई बार सही डिश खोजने में भी परेशानी होती है। लेकिन नई वॉयस-आधारित तकनीक इस पूरे अनुभव को आसान बना रही है। यूजर केवल बोलकर अपनी पसंद बता सकेगा और सिस्टम खुद ही विकल्प ढूंढकर ऑर्डर तैयार कर देगा।

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बोलकर होगा फूड ऑर्डर

वॉयस-लेड कॉमर्स तकनीक की मदद से अब यूजर सीधे बोलकर खाना ऑर्डर कर पाएंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर आप कहेंगे, “एक पनीर बटर मसाला और दो नान ऑर्डर कर दो,” तो एआई आपकी बात समझकर न केवल सही रेस्टोरेंट चुनेगा बल्कि ऑर्डर भी प्लेस कर देगा। यह सुविधा फूड डिलीवरी के साथ-साथ ग्रॉसरी और टेबल बुकिंग जैसी सेवाओं पर भी काम करेगी। इससे यूजर का समय बचेगा और ऑर्डरिंग का अनुभव ज्यादा सहज हो जाएगा।


आवाज से ही होगी पेमेंट

नई तकनीक सिर्फ खाना चुनने तक सीमित नहीं है। अब भुगतान भी वॉयस कमांड से संभव होगा। यूजर अपनी आवाज से ही पेमेंट कन्फर्म कर सकेगा। यानी ऑर्डर देने से लेकर भुगतान करने तक पूरी प्रक्रिया बिना किसी बटन दबाए पूरी हो जाएगी। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जो जल्दी में होते हैं या ऐप नेविगेशन में समय नहीं लगाना चाहते।

भारतीय भाषाओं का मिलेगा सपोर्ट

इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि यह केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं है। हिंदी सहित 10 से ज्यादा भारतीय भाषाओं को समझने की क्षमता इस सिस्टम में दी जा रही है। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के यूजर्स के लिए ऑनलाइन ऑर्डर करना बेहद आसान हो जाएगा। जो लोग टाइपिंग या अंग्रेजी भाषा में सहज नहीं हैं, वे भी अब अपनी मातृभाषा में बात करके खाना या ग्रॉसरी मंगा सकेंगे।

बिना ऐप के भी कर सकेंगे ऑर्डर

नई एआई तकनीक का एक और बड़ा फायदा यह है कि यूजर बिना ऐप डाउनलोड किए भी ऑर्डर कर पाएंगे। एआई असिस्टेंट चैट या वॉयस के जरिए यूजर की जरूरत समझेगा और उसी के अनुसार विकल्प सुझाएगा। इस सिस्टम में सर्च, ऑर्डर और पेमेंट तीनों प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी हो जाएंगी। इससे तकनीक और ज्यादा सरल और सुलभ बन जाएगी।

बातचीत ही बनेगी नया इंटरफेस

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वॉयस इंटरफेस मोबाइल ऐप्स की जगह ले सकता है। लोग टाइपिंग के बजाय सीधे बातचीत के जरिए अपनी जरूरत पूरी करेंगे। इससे बुजुर्ग, कम तकनीकी जानकारी वाले लोग और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को काफी सुविधा मिलेगी। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

भविष्य का स्मार्ट ऑर्डरिंग अनुभव

एआई आधारित वॉयस ऑर्डरिंग सिस्टम न केवल समय बचाएगा बल्कि यूजर की पसंद भी याद रखेगा। जैसे ही आप खाना ऑर्डर करेंगे, सिस्टम आपके पिछले ऑर्डर और पसंद के आधार पर सुझाव देगा। इससे अनुभव और ज्यादा पर्सनलाइज्ड हो जाएगा। आने वाले समय में यह तकनीक फूड डिलीवरी इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल सकती है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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