Yogi Adityanath ने BJP कार्यकर्ताओं को चेताया, जाति के नाम पर बांटने वालों से रहें सतर्क

लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विखंडनकारी ताकतें समाज को बांटकर नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए जाति की राजनीति से सावधान रहना जरूरी है। साथ ही उन्होंने सरकारी योजनाओं को बूथ स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को ‘‘बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं’’ का संदेश देते हुए जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की शुक्रवार को अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विखंडन करने वाले लोग ‘‘बांटने में विश्वास करते हैं और इसी वजह से काटने में सफल होते हैं।’’ योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर पूरी सक्रियता से जुटने, सरकार की उपलब्धियों को बूथ स्तर तक पहुंचाने और सोशल मीडिया पर ‘‘सकारात्मक दृष्टिकोण’’ के साथ प्रचार करने का आह्वान किया। आदित्यनाथ ने जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, ‘‘विखंडन करने वाले लोग बांटने में विश्वास करते हैं और बांटने के कारण ही काटने में सफल होते हैं।
इसलिए हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की पहचान उसकी विचारधारा, मूल्यों और आदर्शों से है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन पार्टी के मूल्य और विचारधारा नहीं बदलते और इसी विचारधारा के लिए पार्टी का कार्यकर्ता मान-सम्मान की चिंता किए बिना काम करता है। उन्होंने 30 अक्टूबर, 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उस घटना में अयोध्या की गलियां लहूलुहान हुई थीं और सरयू का जल रक्तरंजित हुआ था। हालांकि, उस समय कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया था कि लाठी-गोली खाएंगे, लेकिन मंदिर वहीं बनाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने वाली सपा आज अयोध्या के विकास की बात करती है, जबकि कांग्रेस और सपा हमेशा इसके विकास में बाधा बनी रहीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में गरीबी, भ्रष्टाचार, असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल था तथा गरीबों को केवल मतदाता समूह के रूप में देखा जाता था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था ‘फ्रेजाइल फाइव’ (आर्थिक दृष्टि से नाजुक राष्ट्र) देशों की श्रेणी से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुई है। मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि 18 से 19 वर्ष की आयु के करीब 4.5 लाख युवाओं के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए। आदित्यनाथ ने जातीय सम्मेलनों के माध्यम से समाज को बांटने के बजाय सभी वर्गों को जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने महापुरुषों और वीरांगनाओं के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।
अन्य न्यूज़













