उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत छह की मौत, AAIB करेगा जांच

बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर जोशीमठ के चाई गांव के पास पहाड़ी से टकरा गया। नागर विमानन महानिदेशालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दस वर्षों में चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर हादसों की नौ घटनाएं दर्ज हुई हैं।
उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे की जांच वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो(एएआईबी) करेगा। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई।
ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ था और उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद यह जोशीमठ में पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एएआईबी हादसे की जांच करेगा और उसकी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना के प्राथमिक और नियामक मूल्यांकन के लिए उसकी एक टीम देहरादून भेजी गई है।
वीटी-एचसीएक्स पंजीकरण संख्या वाला यह हेलीकॉप्टर (टाइप एएस350बी3) चाई गांव (जोशीमठ) के पास जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बयान में कहा गया, ‘‘हेलीकॉप्टर ने दोपहर एक बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से सहस्रधारा हेलीपैड (देहरादून) के लिए उड़ान भरी थी जिसमें पायलट और पांच यात्री सवार थे।’’ डीजीसीए ने कहा, ‘‘दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया है और खोज एवं बचाव अभियान जारी है।’’ बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ अन्य तीन धाम हैं, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा हैं।
एएआईबी ने इस महीने की शुरुआत में जारी एक दुर्घटना जांच रिपोर्ट में बताया था कि वर्ष 2015 से 2025 के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की आठ घटनाएं हुईं, इनमें से ज्यादातर हादसे उड़ान चालक दल द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं करने के कारण हुई थीं। एएआईबी द्वारा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 10 वर्षों की अवधि के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से जुड़ी कुल नौ घटनाएं हुईं, इनमें आठ दुर्घटनाएं और एक गंभीर घटना शामिल थी। वर्ष 2022 से हर साल कम से कम एक दुर्घटना या गंभीर घटना दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया, “आठ दुर्घटनाओं में से पांच में लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2015 और 2016 में कोई दुर्घटना नहीं हुई थी, क्योंकि उस दौरान चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं।” एएआईबी ने बताया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की दो घटनाएं हुईं, जिनमें से एक में लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 संबंधी नियमों के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं और इस दौरान दुर्घटना की कोई घटना सामने नहीं आई।
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