अगरतला नगर निगम चुनाव: Tripura Congress ने 49 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, CPM पर लगाया यह आरोप

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने अगरतला में 49 प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए माकपा पर बिना चर्चा 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का आरोप लगाया। दूसरी ओर माकपा सचिव जितेंद्र चौधरी का कहना है कि गठबंधन के तहत बातचीत अभी चल रही है और भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट रखने की कोशिश जारी है।
अगरतला, चार नवंबर त्रिपुरा कांग्रेस ने बुधवार को 51 वार्ड वाले अगरतला नगर निगम (एएमसी) चुनाव के लिए 49 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की और अपनी चुनावी सहयोगी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर बिना कोई विचार-विमर्श किए 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का आरोप लगाया। वहीं माकपा ने दावा किया कि कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल को लेकर बातचीत अब भी जारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, सभी पहलुओं पर विचार करते हुए हमने अगरतला नगर निगम (एएमसी) चुनाव के लिए 49 उम्मीदवारों की घोषणा की है तथा दो और उम्मीदवारों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एएमसी सहित 21 नागरिक निकायों के लिए 27 नवंबर को होने वाले चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल न करने की धमकियां दे रहे हैं। साहा ने कहा, चाहे कुछ भी हो जाए, हम चुनाव लड़ेंगे। कुछ नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में हमारे उम्मीदवारों ने पहले ही नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं और बाकी बची सीटों के लिए नामांकन कल दाखिल किए जाएंगे।
साहा ने माकपा पर आरोप लगाया कि उसने अगरतला नगर निगम के 26 वार्डों के लिए उम्मीदवार घोषित करने से पहले कांग्रेस के साथ कोई चर्चा नहीं की, जिसकी वजह से कांग्रेस को 49 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने पड़े। कांग्रेस के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा कि वामपंथी दल चाहते हैं कि भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस और अन्य भाजपा-विरोधी ताकतें निकाय चुनावों में एक साथ आएं। चौधरी ने कहा, मेरी मंगलवार रात कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन से बातचीत हुई थी और मैंने इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा से भी बात की थी।
हमने 26 वार्डों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी, जबकि बाकी सीटें विपक्षी गठबंधन इंडिया के तहत कांग्रेस के चुनाव लड़ने के लिए छोड़ दी थीं। उन्होंने कहा, कांग्रेस के साथ बातचीत अब भी चल रही है। वामपंथी दल चुनाव में भाजपा को किसी भी तरह का एकतरफा फायदा नहीं देना चाहते हैं।
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