Illinois General Assembly चुनाव में जीतीं Saba Haider, बोलीं विभाजन की जगह बुनियादी मुद्दों को चुन रहे अमेरिकी

Illinois General Assembly चुनाव में जीतीं Saba Haider, बोलीं विभाजन की जगह बुनियादी मुद्दों को चुन रहे अमेरिकी
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की मूल निवासी सबा हैदर ने इलिनोइ जनरल असेंबली के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में मतदाता अब विभाजनकारी राजनीति को नकारकर स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे बुनियादी मुद्दों को तवज्जो दे रहे हैं। शिकागो के कड़ाके की ठंड वाले मौसम में अभियान चलाकर उन्होंने यह चुनावी कामयाबी दर्ज की।

नयी दिल्ली, सात नवंबर उत्तर प्रदेश की मूल निवासी और अब इलिनोइ जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं डेमोक्रेट सबा हैदर ने कहा है कि उनकी जीत यह दर्शाती है कि अमेरिका में मतदाता तेजी से विभाजनकारी राजनीति के बजाय स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यावरण जैसी रोजमर्रा की चिंताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में अपनी जीत पर बात करते हुए हैदर ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता उन उम्मीदवारों को अधिक समर्थन दे रहे हैं जो सभी समुदायों के परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते हैं। हैदर, जो 20 साल पहले अमेरिका आई थीं, ने कहा, अगर उम्मीदवार रोजमर्रा के बुनियादी मुद्दों (किचन टेबल इश्यूज) के बारे में बात कर रहे हैं, तो लोग उस पर ध्यान दे रहे हैं।

लोग उन्हें सुन रहे हैं, उनसे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं, और उन उम्मीदवारों को वोट दे रहे हैं जो ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं जो उनके परिवारों को प्रभावित करते हैं, जो उनके बच्चों के जीवन को प्रभावित करते हैं। कई भारतीय-अमेरिकियों ने ऐसा ही किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई प्रतिनिधियों की बढ़ती मौजूदगी की सराहना की।

हैदर (42) ने कहा कि उन्होंने अपनी जीत का जश्न परिवार, दोस्तों, कार्यकर्ताओं और अपनी प्रचार टीम के सदस्यों के साथ मनाया। हैदर ने कहा, जैसे ही अमेरिका में दिन खत्म हुआ, भारत में मौजूद रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से लेकर इलिनोइ में एक निर्वाचित प्रतिनिधि तक का यह सफर शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा।

उन्होंने बताया, चुनाव अभियान के दौरान शिकागो के उपनगरों में हजारों घरों के दरवाजे खटखटाने पड़े, और जनवरी-मार्च के प्राइमरी सीजन के दौरान तापमान अक्सर शून्य से नीचे रहता था। कभी-कभी तो मुझे अपनी उंगलियों और पैर के अंगूठों का अहसास तक नहीं होता था। सामान्य तापमान में वापस आने में ही मुझे एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता था।

अन्य दक्षिण एशियाई उम्मीदवारों के चुने जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने 27 वर्षीय नबीला सैयद का उदाहरण दिया, जिन्होंने एक रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले में इलिनोइ सीनेट की सीट पर जीत हासिल की थी। हैदर ने इसे अमेरिकी राजनीति में हो रही प्रगति का एक उदाहरण बताया। हैदर ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समुदायों की चिंताओं को सुना जाए, और साथ ही उन्हें विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों के बीच गठबंधन भी बनाना चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़