दलित छात्रा पर जातिसूचक टिप्पणी के मामले में Kerala की मंत्री KA Thulasi ने की सख्त कार्रवाई की मांग

केरल की मंत्री के. ए. तुलसी ने 17 वर्षीय दलित छात्रा के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कला महोत्सव के निर्णायक पर कड़ी कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है। छात्रा का हौसला बढ़ाने के लिए मंत्री ने उसे छह दिसंबर को आयोजित होने वाले एक सरकारी कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति का अवसर भी प्रदान किया है।
केरलम की मंत्री के. ए. तुलसी ने स्कूल कला महोत्सव के एक निर्णायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन पर 17 वर्षीय दलित छात्रा के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। साथ ही, मंत्री ने छात्रा का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उसे एक सरकारी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का अवसर भी दिया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने इस हालिया घटना के संबंध में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने सामान्य शिक्षा और गृह मामलों के मंत्रियों को भी पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। यहां कट्टक्कडा तालुक के वीरानाकावु की 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हाल ही में आयोजित स्कूल कला महोत्सव के दौरान एक निर्णायक ने कथित तौर पर जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां कीं। निर्णायक पर छात्रा की त्वचा के रंग और शारीरिक बनावट को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।
बयान के अनुसार, छात्रा के माता-पिता ने मंत्री से मिलकर शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। मंत्री ने अधिकारियों को छात्रा को न्याय दिलाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। छात्रा का आत्मविश्वास बहाल करने के उद्देश्य से मंत्री तुलसी ने छह दिसंबर को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए आवास योजना के उद्घाटन समारोह में उसे नृत्य प्रस्तुति देने का अवसर दिलाने की व्यवस्था की है।
बयान में कहा गया है कि तुलसी ने छात्रा को खुद फोन कर इस अवसर की जानकारी दी और उसे अपनी कलात्मक रुचियों को आगे बढ़ाने में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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