Kanpur Nagar Nigam में वसूली और ठेका हेराफेरी पर 2 गिरफ्तार, 6 केस दर्ज

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर में नगर निगम के कार्यों में जबरन वसूली और निविदाओं में हेराफेरी करने के आरोप में दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। इस मामले में पुलिस ने स्वरूप नगर और फजलगंज थानों में छह अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। धांधली सामने आने के बाद करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं और जांच के लिए आठ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में कथित जबरन वसूली और ठेकों में हेराफेरी करने वाले रैकेट के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के तहत छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि रैकेट का कथित सरगना गोविंद शर्मा अब भी फरार है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि नगर निगम की शिकायतों के आधार पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि छठा मुकदमा ठेकेदार सनी सिंह भदौरिया की शिकायत पर फजलगंज थाने में दर्ज किया गया है।

लाल ने पीटीआई-को बताया, ‘‘शर्मा पर ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन तिवारी के साथ मिलकर ठेकेदारों से जबरन वसूली करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। जैन और तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शर्मा फरार है। पहले मध्य प्रदेश और बाद में राजस्थान में उसकी मौजूदगी का पता चला था।’’ पुलिस के अनुसार, शर्मा कथित तौर पर नगर निगम के ठेकेदारों का एक नेटवर्क चलाता था और नगर निगम के कामों के आवंटन को प्रभावित करता था।

सूत्रों के मुताबिक, वह कथित तौर पर ठेकेदारों से 85 प्रतिशत रकम पहले ही मांगता था और ठेकों के आवंटन में हेराफेरी के लिए लॉटरी आधारित ड्रॉ का इस्तेमाल करता था। लाल ने कहा, ‘‘मामला सामने आने के बाद करीब 100 करोड़ रुपये की निविदाएं रद्द कर दी गई हैं और इनके लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।’’ उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर की गई जांच के बाद शुरू की गई। एक अधिकारी ने बताया कि एक टीम ने निविदा फाइलों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उन ठेकेदारों के काम की जांच की, जिन पर नगर निगम में दबाव बनाने का आरोप था।

लाल ने पुष्टि की कि कुछ समय से चल रही इस जांच में उस समय तेजी आई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नगर निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। लाल ने बताया कि मंगलवार को अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) अर्चना सिंह की अगुवाई में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है। यह दल उन लोगों की पहचान करेगा, जिन्होंने कथित तौर पर ठेकेदारों को धमकाने या निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने में आरोपियों की मदद की होगी।

All the updates here:

अन्य न्यूज़