Chai Par Sameeksha: नई टीम से Gen Z को साधेगी BJP, क्या Vande Mataram को लेकर बैकफुट पर है Congress?

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अंकित सिंह । Aug 24 2026 4:55PM

प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने कहा कि आईटी और सोशल मीडिया सेल की कमान अब छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को दी गई है। वहीं अनिल बलूनी मीडिया प्रभारी की अपनी जिम्मेदारी पर कायम हैं। यानी भाजपा ने डिजिटल मोर्चे पर चेहरे में बदलाव किया है, लेकिन मीडिया प्रबंधन के मौजूदा ढांचे में निरंतरता बनाए रखी है।

प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने भाजपा की नई टीम और वंदे मातरम विवाद पर चर्चा की। हमेशा की तरह इसमें मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। नीरज दुबे ने बीजेपी की नई टीम को लेकर साफ तौर पर कहा कि यह टीम पार्टी के लिए भविष्य में लगातार काम करेगी। विनोद तावडे के उत्तर प्रदेश के प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी दिए जाने को भी उन्होंने बहुत बड़ा कदम बताया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विनोद तावडे योगी आदित्यनाथ और दिल्ली के बीच में एक ब्रिज का काम करेंगे। विनोद तावडे जमीनी नेता है। मीडिया से दूर रहते हैं और अपना काम शांति से भी करते हैं। 

दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने संगठन में लंबे समय से चल रही कवायद को अंजाम देते हुए अपनी नई राष्ट्रीय टीम सामने रख दी है। इस टीम में अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और चुनावी जरूरतों का ऐसा मिश्रण तैयार किया गया है, जिसमें पार्टी के पुराने दिग्गजों से लेकर नए चेहरों तक को जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन इस पूरी कवायद में दो फैसले राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। एक तो अमित मालवीय को आईटी सेल प्रमुख की जिम्मेदारी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर भाजपा के शीर्ष संगठन में वापसी हुई है।

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उन्होंने कहा कि आईटी और सोशल मीडिया सेल की कमान अब छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को दी गई है। वहीं अनिल बलूनी मीडिया प्रभारी की अपनी जिम्मेदारी पर कायम हैं। यानी भाजपा ने डिजिटल मोर्चे पर चेहरे में बदलाव किया है, लेकिन मीडिया प्रबंधन के मौजूदा ढांचे में निरंतरता बनाए रखी है। इस बदलाव को केवल संगठनात्मक फेरबदल मानना मुश्किल है। यह संकेत है कि नितिन नबीन डिजिटल और राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई में नई रणनीति और नए चेहरों के साथ उतरना चाहते हैं। साथ ही चूंकि नितिन नबीन छत्तीसगढ़ में पार्टी के प्रभारी रह चुके हैं ऐसे में वह जानते हैं कि उस राज्य के किस नेता की कार्यक्षमता का उपयोग कहां पर करना पार्टी के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

उन्होंने कहा कि 16 राष्ट्रीय सचिवों की सूची में भी व्यापक क्षेत्रीय संतुलन दिखाई देता है। कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, डॉ. भोला सिंह, डॉ. प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, आम आदमी पार्टी से भाजपा में आये डॉ. संदीप पाठक और फांगनॉन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, डॉ. एम. वेंकटेशन, मनोज तिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, डॉ. स्वदेश सिंह, मृगांका देब बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इनमें दक्षिण, पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत, हिंदी पट्टी और शहरी राजनीतिक पृष्ठभूमि, सभी को जगह मिली है। नई टीम के अन्य हिस्से भी राजनीतिक संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुग और केंद्रीय कार्यालय सचिव महेंद्र पांडे बनाए गए हैं। 

वन्दे मातरम् विवाद पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी गलतियों से सीख नहीं पा रही है। बार-बार वह बीजेपी को फ्रंट फुट पर आकर बल्लेबाजी करने का मौका दे रही है। वंदे मातरम का विरोध करना साफ तौर पर यह देश के खिलाफ है। नीरज दुबे ने यह भी कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति कर रही है कांग्रेस एक समुदाय के लोगों के लिए ही आगे बढ़ रही है। यह लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। जनता सब देख रही है। राहुल गांधी को इस बात को भी समझना होगा कि इस देश में हर वर्ग के लोग हैं और जो भी कानून संसद द्वारा पारित किया जाते हैं। उसका सम्मान करना चाहिए क्योंकि आप संविधान का किताब लेकर लगातार लोगों के बीच जाते हैं।

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