दुष्कर्म मामले में वांछित Sajeer PM को Interpol Red Corner Notice के बाद UAE से भारत लाया गया

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दिल्ली पुलिस ने इंटरपोल, सीबीआई और केंद्रीय मंत्रालयों के समन्वय से दुष्कर्म के आरोपी सजीर पल्ली मूप्पन को संयुक्त अरब अमीरात से भारत प्रत्यर्पित कराया है। करोल बाग थाने में दर्ज मामले के बाद आरोपी विदेश भाग गया था, जहां दुबई में काम करने के दौरान उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ।

नयी दिल्ली, पांच नवंबर दुष्कर्म के मामले में वांछित एक आभूषण निर्माता कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक को दिल्ली पुलिस, इंटरपोल, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और गृह तथा विदेश मंत्रालयों के संयुक्त प्रयासों से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आरोपी सजीर पल्ली मूप्पन उर्फ सजीर पीएम (38) केरलम के कन्नूर का रहने वाला है।

उन्होंने बताया कि यूएई के अधिकारियों ने सजीर को चार नवंबर (बुधवार) को औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस की एक टीम के हवाले कर दिया था, जिसके बाद उसे उसी दिन भारत ले आया गया। पुलिस के मुताबिक, मामला एक अक्टूबर 2025 का है, जब आरोपी ने पंजाबी बाग के एक लाउंज में एक कर्मचारी की जन्मदिन की पार्टी के दौरान 20 वर्षीय युवती को कथित तौर पर शराब और नशीले पदार्थ का सेवन कराने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पीड़िता को करोल बाग इलाके के एक होटल में ले गया, जहां उसने दो अक्टूबर को तड़के कथित तौर पर उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ संबंध बनाए।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने होटल में चेक-इन करते समय किसी तीसरे व्यक्ति के पहचान संबंधी दस्तावेज जमा किए थे। अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता ने कंपनी के प्रबंधन से मामले की शिकायत की, जिसके बाद चार अक्टूबर को आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और आंतरिक समिति के माध्यम से उसके खिलाफ पीओएसएच (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) ढांचे के तहत कार्यवाही शुरू की गई। हालांकि, उन्होंने बताया कि आरोपी उसके खिलाफ शुरू की गई आंतरिक जांच में शामिल नहीं हुआ।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 18 दिसंबर 2025 को कंपनी के समक्ष ईमेल के जरिये एक और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पांच जनवरी 2026 को आरोपी भारत से भाग गया। उसने बताया कि आरोपी दुबई में नलकारी के सामान की बिक्री करने वाली एक दुकान में काम करने लगा। अधिकारियों के अनुसार, 18 फरवरी को पीड़िता ने दिल्ली पुलिस का रुख किया, जिसके बाद करोल बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) (दुष्कर्म), 123 (अपराध करने के इरादे से जहर आदि के जरिये चोट पहुंचाना), 319 (किसी और का रूप धरकर धोखाधड़ी करना) और 3(5) (समान इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम ने पीड़िता का बयान दर्ज किया, उसकी मेडिकल जांच कराई और पंजाब बाग स्थित लाउंज तथा करोल बाग स्थित होटल से सबूत जुटाए। उन्होंने बताया कि होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पहचान संबंधी दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि करोल बाग थाने की एक टीम आरोपी का पता लगाने के लिए केरलम पहुंची, लेकिन पाया कि वह देश छोड़कर अबू धाबी जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इसके बाद 30 अप्रैल को ‘भारतपोल’ के जरिये इंटरपोल को एक संदर्भ सूचना भेजी। ‘भारतपोल’ सीबीआई की ओर से विकसित एक डिजिटल मंच है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान को आसान बनाना है। पुलिस ने बताया कि सात जुलाई को इंटरपोल के माध्यम से आरोपी के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी करवाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रत्यर्पण अनुरोध को आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, आव्रजन ब्यूरो और अन्य एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय में काम किया। उन्होंने बताया कि अबू धाबी के सक्षम प्राधिकारी ने नौ अक्टूबर को सजीर के भारत प्रत्यर्पण के अनुरोध को मंजूरी दे दी। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद 31 अक्टूबर को तीन सदस्यीय पुलिस टीम को यूएई भेजा गया, ताकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें और आरोपी को वापस लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।

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