भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख, आपदा के पीछे Climate Change का जताया अंदेशा

तिब्बती आध्यात्मिक गुरु ने रसुवा और क्यिरोंग क्षेत्रों में जलप्रलय से हुए जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं को जलवायु परिवर्तन जैसे गहरे कारणों का संकेत बताते हुए प्रभावितों के लिए प्रार्थना की। इस भीषण आपदा के कारण नेपाल में 165 लोगों की मौत हुई है और दोनों क्षेत्रों से कई लोग लापता हैं।
तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बृहस्पतिवार को नेपाल और तिब्बत में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। दलाई लामा ने कहा कि इस क्षेत्र में पहले भी प्राकृतिक आपदाएं आती रही हैं और ये निश्चित रूप से किसी गहरे अंतर्निहित कारण के संकेत हैं, चाहे वह जलवायु परिवर्तन हो या कोई अन्य वजह। दलाई लामा ने कहा, ‘‘नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत के क्यिरोंग में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में जानकर मुझे बहुत दुख हुआ है।
इस आपदा में लोगों की जान गई है और बड़े पैमाने पर ढांचागत नुकसान हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस आपदा में जान गंवाने वालों के लिए प्रार्थना करता हूं और शोक संतप्त परिवारों तथा इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी संवेदना और शोक व्यक्त करता हूं।’’ बुधवार को नेपाल के तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इसमें 165 लोगों की मौत हुई है। आपदा में 300 भारतीय पर्यटक लापता हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तिब्बत में 558 लोग लापता हैं।
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