Cyclone Arnab: ओडिशा के गंजाम में 4 रक्षा हेलीकॉप्टरों से गिराए गए 4500 किलो अनाज के पैकेट

Cyclone Arnab: ओडिशा के गंजाम में 4 रक्षा हेलीकॉप्टरों से गिराए गए 4500 किलो अनाज के पैकेट
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ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को चक्रवात अर्नब के कारण आई भीषण बाढ़ से प्रभावित गंजाम जिले में राहत अभियान तेज कर दिया। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के चार हेलीकॉप्टरों ने 21 चिह्नित स्थानों पर खाद्य सामग्री पहुंचाई। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, प्रभावित इलाकों में 23,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

ओडिशा सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण उत्पन्न हुए हालात से निपटने के लिए शुक्रवार को राहत एवं बचाव अभियान तेज करते हुए बाढ़ प्रभावित गंजाम जिले में खाद्य पैकेट गिराने के लिए रक्षा बलों के चार हेलीकॉप्टर तैनात किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश के बाद जिले में हजारों लोग 24 घंटे से अधिक समय से बाढ़ में फंसे हुए हैं।

विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने बताया कि चार हेलीकॉप्टरों ने जिले के चिह्नित 21 स्थानों पर खाद्य पैकेट गिराने शुरू कर दिए हैं और इन स्थानों पर तैनात कर्मियों को खाद्य पैकेट फंसे हुए लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर इस अभियान में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इनके जरिए हिंजिलिकट, पुरुषोत्तमपुर, शेरगड़ा, धराकोट, अस्का, बेलागुंठा, भंजनगर और चिकिटी समेत उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, जहां बाढ़ के कारण कई स्थानों का संपर्क टूट गया है।

आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ‘‘इन पैकेटों में 4,500 किलोग्राम तक अनाज है, जिन्हें एक स्थान पर गिराया जाएगा। वहां तैनात अधिकारी बाद में प्रभावित लोगों के बीच इसका वितरण करेंगे।’’ उन्होंने बताया कि अन्य प्रभावित लोगों को बचाव दलों की ओर से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। ये दल नौकाओं के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं।

पुजारी ने कहा कि 23,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, लेकिन बाढ़ में फंसे लोगों की संख्या इससे काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के 40 प्रशिक्षित कर्मी प्रभावित इलाकों में पका हुआ भोजन लेकर पहुंचेंगे और वहां फंसे लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि तेज जलधारा के कारण पहले कई स्थानों तक नौकाओं की आवाजाही मुश्किल थी लेकिन शुक्रवार को स्थिति में कुछ सुधार हुआ है।

मंत्री ने बताया कि राज्यभर में तैनात 313 बचाव दलों में से 100 से अधिक को गंजाम और गजपति जिलों में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार का एक दल दो नवंबर को ओडिशा का दौरा करेगा। पुजारी के अनुसार, गंजाम जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जबकि गजपति और कंधमाल जिलों में भी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकार को अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। इस बीच, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंजाम और गजपति जिलों में अप्रत्याशित रूप से हुई भारी बारिश पर चिंता जताई। माझी जल संसाधन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं।

माझी ने शुक्रवार को यहां एक बैठक में कहा, ‘‘चक्रवात ‘अर्नब’ की तैयारियों के तहत प्रशासन को आशंका थी कि इसका मलकानगिरि में व्यापक असर हो सकता है। हालांकि, किसी ने कल्पना नहीं की थी कि गंजाम जिले में इतनी भारी बारिश होगी और भीषण बाढ़ आ जाएगी।’’ उन्होंने बताया कि गंजाम जिले के पात्रापुर ब्लॉक में 24 घंटे के दौरान 54 सेंटीमीटर (सेमी) बारिश दर्ज की गई जबकि गंजाम और गजपति के कई अन्य स्थानों पर भी असामान्य रूप से भारी बारिश हुई, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया, ‘‘गंजाम में 24 घंटे के दौरान हुई बारिश की मात्रा इस क्षेत्र की वार्षिक औसत वर्षा से भी अधिक रही।’’ उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के जवान कई प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंच सके।

अनु ने बताया कि इसलिए भारतीय तटरक्षक बल से गंजाम जिले के दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने और वहां खाद्य पैकेट गिराने का अनुरोध किया गया।

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