Nepal Flood में फंसे असम के लोगों की मदद में जुटी सरकार: Himanta Biswa Sarma

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नेपाल में अचानक आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच वहां फंसे असम के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य प्रशासन लगातार प्रयासरत है। नई दिल्ली स्थित असम हाउस में एक आपातकालीन सहायता कक्ष स्थापित किया गया है और अधिकारी प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए हुए हैं। मध्य नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई इस जलप्रलय में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण फंसे राज्य के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य से लापता लोगों की संख्या का कोई उल्लेख नहीं किया। शर्मा ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमें नेपाल में बाढ़ में असम के लोगों के फंसे होने की जानकारी है।

हम उनके परिवारों के संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें जल्द से जल्द घर वापस लाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।” मुख्य सचिव रवि कोटा ने कहा कि राज्य सरकार को नेपाल में अपने रिश्तेदारों या प्रियजनों के बारे में जानकारी मांगने वाले किसी भी परिवार की ओर से अब तक कोई सूचना नहीं मिली है। राज्य सरकार ने बाढ़ से संबंधित सहायता के लिए नयी दिल्ली स्थित असम हाउस में आपातकालीन सहायता कक्ष स्थापित किया है। मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई, जबकि और शव बरामद किए गए हैं।

अब तक प्रभावित विभिन्न इलाकों से 1,545 घायल और फंसे लोगों को बचाया गया है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि इस त्रासद घटना के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी है।

अभियान में नेपाली सेना के 2,391 जवानों समेत कुल 7,451 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से आई बर्फ और चट्टानों के कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबा तेज बहाव से मध्य नेपाल के निचले इलाकों की ओर बह निकला। इससे कस्बों और गांवों में भारी तबाही हुई तथा घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए।

इसके अलावा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

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