Pakistan के PIMS अस्पताल में 14 शिशुओं की मौत, AC से आग लगने के दावे पर संदेह

इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के स्त्री रोग विभाग में बुधवार को आग लगने से 14 नवजात शिशुओं की जान चली गई। नेशनल असेंबली की स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष महेश कुमार ने अस्पताल का दौरा करने के बाद कहा कि सीसीटीवी फुटेज से एयर-कंडीशनर में आग शुरू होने की पुष्टि नहीं होती। समिति अब इस हादसे की असल वजह जानने के लिए बिजली की वायरिंग और ऑक्सीजन पाइपलाइन की जांच कर रही है।
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 27 अगस्त पाकिस्तान की एक संसदीय स्वास्थ्य समिति ने बृहस्पतिवार को इस बात पर गहरा संदेह व्यक्त किया कि इस्लामाबाद के एक सरकारी अस्पताल में एयर-कंडीशनर (एसी) से निकली चिंगारी की वजह से आग लगी थी जिसमें 14 नवजात शिशुओं की जान चली गई। यह हादसा बुधवार को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के स्त्री रोग विभाग में हुआ था। नवजात शिशुओं को बचाने में प्रशासन की नाकामी को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है।
नेशनल असेंबली की स्वास्थ्य समिति ने अपने अध्यक्ष महेश कुमार की अगुवाई में इस हादसे की असल वजह जानने के लिए पीआईएमएस अस्पताल का एक अनौपचारिक दौरा किया। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, कुमार ने पत्रकारों को बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह साबित नहीं होता कि आग एयर-कंडीशनर से शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि अब अस्पताल में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली नली और बिजली के तारों की संभावित खराबी की जांच की जा रही है।
कुमार ने कहा कि समिति के सदस्यों को बताया गया था कि एक पुराने एसी से निकली चिंगारी ने आग भड़काई थी, लेकिन वह यंत्र काफी समय से काम ही नहीं कर रहा था। उन्हें यह भी बताया गया कि नर्सरी में लगे दो अन्य एसी एक जगह से दूसरी जगह ले जाने योग्य (पोर्टेबल) थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना के समय वहां मौजूद कर्मचारी या सीसीटीवी फुटेज, दोनों ही यह तय नहीं कर सके कि चिंगारी वास्तव में कहां से निकली थी।
कुमार ने कहा, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि आग किस स्रोत से लगी, यह किसी को नहीं पता। उन्होंने बताया कि समिति ने पीआईएमएस के कार्यकारी निदेशक से पूछा था कि क्या सीसीटीवी फुटेज में आग पुराने एयर-कंडीशनर से शुरू होती दिख रही है, तो उनका जवाब ना था। इसलिए समिति अब यह पता लगाना चाहती है कि कहीं आग की शुरुआत बिजली की वायरिंग या ऑक्सीजन की पाइपलाइन से तो नहीं हुई थी।
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