New York Mayor Zohran Mamdani ने बाढ़ पीड़ितों से जताई एकजुटता, Nepal सीमा पर मची है तबाही

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न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित भारतीय, नेपाली और तिब्बती नागरिकों के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने 'एक्स' पर तिब्बती और नेपाली भाषाओं में पोस्ट साझा कर इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखने के लिए नई दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और कई फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकाला है।

योषिता सिंह न्यूयॉर्क, 28 अगस्त न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने पत्र लिखकर नेपाल-चीन सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित भारतीयों के प्रति एकजुटता जताई है। यह पत्र उनके उस बयान के कुछ घंटे बाद आया जिसमें उन्होंने भीषण बाढ़ से प्रभावित नेपाली और तिब्बती लोगों के प्रति समर्थन जताया था। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं।

ममदानी ने तिब्बती में लिखे अपने संदेश को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज सुबह न्यूयॉर्क के कई लोगों को दिल दहला देने वाली खबर मिली। भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और जो लोग अब भी लापता या असुरक्षित हैं, वे किसी तरह अपनी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।’’ उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘भारत और तिब्बत के लोगों, आपके इस दुख को हमारा शहर समझता है। इस बेहद कठिन समय में आप अकेले नहीं हैं।

न्यूयॉर्क शहर भी आपके साथ खड़ा है।’’ इसके कुछ ही मिनट बाद ममदानी ने नेपाली में भी संदेश जारी किया। भारतीयों के प्रति ममदानी का यह एकजुटता संदेश, नेपाली और तिब्बती समुदाय के लिए त्रासदी पर उनके पहले संदेश के करीब चार घंटे बाद आया। शहर के आंकड़ों के अनुसार, न्यूयॉर्क में नेपाली मूल के करीब 15,000 लोग रहते हैं।

वहीं, ‘यूपीजी नॉर्थ अमेरिका’ के आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 13,000 तिब्बती रहते हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि त्रिशूली-एक परियोजना में काम करने वाले 63 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा, तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को भी नेपाल में सुरक्षित बचाया गया है।

ये लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।

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