Iran ने भेजा 3 स्टेप प्लान, मानेंगे ट्रंप? शक के घेरे में पाकिस्तान

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अभिनय आकाश । Apr 27 2026 1:26PM

एक्सओस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन को संदेश भेजा है कि पहले हॉर्मोज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने पर समझौता किया जाए। जबकि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में भी की जा सकती है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका बातचीत को सफल बनाना चाहता है तो उसे इन तीन चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले युद्ध को पूरी तरह खत्म करना होगा।

ईरान ने अमेरिका के सामने ऐसा तीन स्टेप प्लान रख दिया है जो ट्रंप की टेंशन बढ़ा सकता है। इस बीच खबर यह भी है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान को शक है कि वो निष्पक्ष नहीं है और अमेरिका के पक्ष में झुका हुआ है। ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया और चौंकाने वाला प्रस्ताव रख दिया है। एक्सओस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन को संदेश भेजा है कि पहले हॉर्मोज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने पर समझौता किया जाए। जबकि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में भी की जा सकती है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका बातचीत को सफल बनाना चाहता है तो उसे इन तीन चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले युद्ध को पूरी तरह खत्म करना होगा। साथ ही अमेरिका को यह गारंटी देनी होगी कि भविष्य में ईरान और लेबनान के खिलाफ दोबारा ऐसी जंग शुरू नहीं की जाएगी। 

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पहला चरण: युद्ध पूरी तरह से खत्म होना चाहिए और इस बात की पक्की गारंटी मिलनी चाहिए कि ईरान और लेबनान के खिलाफ दोबारा कोई जंग नहीं छेड़ी जाएगी।

दूसरा चरण: अगर पहले चरण की मांगें मान ली जाती हैं, तो दूसरे चरण में सभी पक्ष होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कामकाज और देखरेख पर चर्चा करेंगे। यह दुनिया के लिए एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है।

तीसरा चरण: ऊपर के दोनों चरण पूरे होने के बाद ही ईरान परमाणु मुद्दे पर बातचीत करेगा। यह सबसे अहम बात है क्योंकि अमेरिका लंबे समय से यह मांग कर रहा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) बंद करे और अपने परमाणु भंडार को देश से बाहर भेजे।

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इस प्रस्ताव पर जवाब देते हुए व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने एक्सियोस को बताया, ये बहुत ही संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका मीडिया के ज़रिए कोई मोलभाव नहीं करेगा। जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा है, अमेरिका का पलड़ा भारी है और वह सिर्फ वही समझौता करेगा जो अमेरिकी लोगों के हित में हो। अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।

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