Lords Test: पाकिस्तान के लिए संजीवनी बने Babar Azam, बोले '90 Percent Fit हूं', बढ़ा Confidence

पाकिस्तान क्रिकेट के लिए लॉर्ड्स टेस्ट में बाबर आजम का संभावित चयन केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि बल्लेबाजी में स्थिरता लाने की दिशा में एक विश्लेषणात्मक कदम है। पिछले दो वर्षों के औसत प्रदर्शन और तकनीकी अनिश्चितता के बाद उनका फिट होना पाकिस्तान के शीर्ष क्रम में आत्मविश्वास भरने के लिए एक सकारात्मक संकेत है। क्या बाबर इस प्रतिष्ठित मैदान पर अपनी फिटनेस और फॉर्म के बीच संतुलन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिला पाएंगे यह इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।
लॉर्ड्स में होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बाबर आजम की वापसी बनी हुई है। बाबर ने खुद अपनी फिटनेस को लेकर कहा है कि वह करीब 90 प्रतिशत फिट हैं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि वह मुकाबला जरूर खेलेंगे, लेकिन उनके बयान और मैच से एक दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में मौजूदगी ने उनकी वापसी की संभावना को काफी मजबूत कर दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बाबर आजम ने बुधवार को लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट से पहले पत्रकारों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अभ्यास सत्र में बल्लेबाजी भी की। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और सहजता दिखाई दी। पाकिस्तान के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर मुश्किल दौर से गुजर रही है और पिछले टेस्ट में उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था।
पाकिस्तान पहली पारी में 171 रन और दूसरी पारी में केवल 135 रन पर सिमट गया था। इस हार के बाद टीम की बल्लेबाजी और कप्तानी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे समय में बाबर की वापसी पाकिस्तान के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से भी बड़ी राहत मानी जा रही है।
गौरतलब है कि बाबर लंबे समय से टेस्ट शतक के लिए तरस रहे हैं। उनका आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में आया था। हालांकि हालिया प्रदर्शन में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं। पिछले चार टेस्ट में उन्होंने लगातार चार अर्धशतक लगाए हैं। इससे पहले दो वर्षों के दौरान उनका औसत करीब 24 रन रहा था। अगर पोर्ट ऑफ स्पेन में अब्दुल्ला शफीक के साथ हुई गलतफहमी के कारण उनका विकेट नहीं गिरता तो शायद उनके शतक का इंतजार पहले ही खत्म हो चुका होता।
बाबर के खराब दौर को लेकर अब तक कोई एक स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। कभी वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ आउट हुए, कभी स्पिन ने उन्हें परेशान किया और कई बार खराब गेंदों पर भी उनका विकेट गया। सपाट पिचों से लेकर मुश्किल परिस्थितियों तक, उनके आउट होने का सिलसिला चलता रहा। कप्तानी जाने के बाद उनके प्रदर्शन पर भी चर्चा होती रही है।
बता दें कि बाबर ने 2023 में पाकिस्तान की कप्तानी गंवाई थी। इसके बाद भी वह देश के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों में बने रहे। पाकिस्तान में उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि उनकी बल्लेबाजी के साथ टीम की उम्मीदें भी अक्सर जुड़ जाती हैं। मौजूदा हालात में भी पाकिस्तान के लिए बाबर की वापसी केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं, बल्कि टीम के आत्मविश्वास से जुड़ा विषय है।
लॉर्ड्स का मैदान भी बाबर के लिए खास है। 2018 में अपने पहले मुकाबले में वह यहां बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बेन स्टोक्स की तेज गेंद से उनके हाथ में चोट लगी और उनकी पारी खत्म हो गई थी। उस दौर की पाकिस्तान टीम में मोहम्मद अब्बास, हसन अली, अजहर अली, असद शफीक और सरफराज अहमद जैसे खिलाड़ी थे।
लॉर्ड्स पर बड़ी पाकिस्तानी पारियों की अपनी अलग कहानी रही है। जहीर अब्बास की एजबेस्टन में 274 रन की पारी, मोहसिन खान और मोहम्मद यूसुफ के लॉर्ड्स पर दोहरे शतक तथा सलीम मलिक की हेडिंग्ले में 99 रन की पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों को याद है। ऐसे में बाबर के सामने भी इस विरासत में अपना नाम जोड़ने का मौका है।
पाकिस्तान को इस टेस्ट में केवल बाबर की मौजूदगी नहीं, बल्कि बड़ी पारी की जरूरत है। अगर वह लॉर्ड्स में शतक लगाने में सफल रहते हैं तो यह उनके लंबे इंतजार का अंत होने के साथ-साथ मुश्किल दौर से गुजर रही पाकिस्तान टीम के लिए भी बड़ी राहत होगी। फिलहाल बाबर की फिटनेस को लेकर अंतिम फैसला मैच से पहले होना है, लेकिन उनकी वापसी की उम्मीदों ने पाकिस्तान के प्रशंसकों में उत्साह जरूर बढ़ा दिया है।
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