Sugar Mill Prices में 20% की भारी गिरावट, Retail Market में आम आदमी के लिए जल्द सस्ती होगी चीनी

चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुल्क मुक्त आयात और रिफाइनरों को स्टॉक बेचने की दी गई मंजूरी बाजार की स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मिलों में कीमतों के गिरने से यह स्पष्ट है कि सरकारी प्रयास प्रभावी हो रहे हैं और जल्द ही खुदरा बाजार में औसत कीमतों में बड़ी कमी देखने को मिल सकती है। यह आर्थिक सुधार विशेष रूप से त्योहारों के समय बढ़ती मांग को पूरा करने और मध्यम वर्ग के बजट को महंगाई से बचाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
चीनी खरीदने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में राहत की खबर आ सकती है। सरकार के हालिया फैसले के बाद चीनी की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। देश में चीनी का पर्याप्त भंडार होने के बावजूद पिछले दिनों कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई थी। अब चीनी शोधकों के पास मौजूद करीब 3 से 3.5 लाख टन तैयार चीनी घरेलू बाजार में आ सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सरकार ने पिछले सप्ताह 10 लाख टन कच्ची चीनी को शुल्क मुक्त तरीके से आयात करने की अनुमति दी थी। साथ ही उन चीनी शोधकों को भी कुछ मात्रा में तैयार चीनी घरेलू बाजार में बेचने की मंजूरी दी गई, जिन्हें पहले केवल निर्यात के लिए चीनी तैयार करने की अनुमति थी। उद्योग से जुड़े लोगों और अधिकारियों का कहना है कि करीब 3 लाख टन तैयार चीनी जल्द ही बाजार में पहुंच सकती है।
इस फैसले का तत्काल असर बाजार में चीनी की उपलब्धता पर पड़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, आगे होने वाला 10 लाख टन कच्ची चीनी का आयात भी आपूर्ति को बनाए रखने में मदद करेगा। इससे खास तौर पर आने वाले त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने पर बाजार में कमी की स्थिति बनने की आशंका कम होगी।
गौरतलब है कि पिछले करीब 10 दिनों में चीनी की मिल से निकलने वाली कीमत में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। बुधवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मिल स्तर पर चीनी की कीमत करीब 48 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। वहीं उत्तर प्रदेश में यह कीमत करीब 53 रुपये प्रति किलो रही।
एक अधिकारी के मुताबिक, कुछ ही दिनों में मिल स्तर की कीमत 48 रुपये से बढ़कर 58 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। उनके अनुसार, इस तेजी के पीछे वास्तविक कमी के बजाय बाजार में अटकलों और जमाखोरी की भूमिका ज्यादा थी। अधिकारी का कहना है कि देश में चीनी की वास्तविक कमी नहीं थी।
भारतीय चीनी मिल संघ के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने भी कहा कि चीनी की कीमतों को तर्कसंगत स्तर पर लाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का असर अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मिल स्तर की कीमत करीब 20 प्रतिशत कम हुई है और इसका असर जल्द ही खुदरा बाजार में भी दिखाई देने की उम्मीद है।
दीपक बल्लानी के मुताबिक, देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और आने वाले त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि बुधवार को देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो थी। ऐसे में यदि मिल स्तर पर कीमतों में आई गिरावट खुदरा बाजार तक पहुंचती है तो आम उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में कुछ राहत मिल सकती है।
सरकार का शुल्क मुक्त आयात और घरेलू बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब त्योहारों से पहले चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए अगले कुछ सप्ताह कीमतों और बाजार में उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अन्य न्यूज़















