International Tiger Day 2026: Anti-Poaching और आधुनिक तकनीक का कमाल, भारत में तेजी से बढ़ी Tigers की रिकॉर्ड संख्या

हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में तेजी से घटती बाघों की संख्या के प्रति लोगों को जागरुक करना है।
हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में तेजी से घटती बाघों की संख्या के प्रति लोगों को जागरुक करना है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और यह जंगलों के पारिस्थिति संतुलन का अहम हिस्सा भी है। अगर जंगलों में बाघ सुरक्षित हैं, तो इसका मतलब है कि वहां का पूरा इकोसिस्टम स्वस्थ और संतुलित है।
हालांकि पिछले कुछ सालों में भारत ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। सरकार की प्रोजेक्ट टाइगर जैसी पहल, एंटी-पोचिंग अभियान, आधुनिक मॉनिटरिंग तकनीक और स्थानीय समुदायों की भागीदारी की वजह से देश में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।
यही कारण है कि दुनिया के ज्यादातर जंगली बाघ भारत में पाए जाते हैं। कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों के टाइगर रिजर्व न सिर्फ संरक्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह वन्यजीव पर्यटन के लिए भी काफी लोकप्रिय हैं।
इतिहास
साल 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिटि के दौरान इस खास दिन को मनाने की शुरूआत हुई थी। बाघों की विलुप्ति होती प्रजाति को रोकने और उनकी रक्षा के लिए समर्पित राष्ट्रों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संरक्षण समूहों के बीच जागरुकता फैलाने और उनको एक साथ लाने के उद्देश्य से ग्लोबल टाइगर इनिशिएटिव ने सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट का आयोजन किया था। इस सम्मेलन में 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का फैसला लिया गया। तभी से हर साल आज के दिन अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है।
रोचक तथ्य
दुनिया के 70% से ज्यादा बाघ भारत में ही पाए जाते हैं। वहीं साल 2018 की गणना के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा बाघ मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं। इसको टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है।
भारत से अलग भूटान, बांग्लादेश, कंबोडिया, इंडोनेशिया, चीन, मलेशिया, म्यांमार, पीडीआर, नेपाल, थाईलैंड, रूस और वियतनाम में बाघ पाए जाते हैं।
एक बाघ की दहाड़ करीब 3 किमी दूर तक सुनी जा सकती है।
बाघ अगर भरपेट खाना खा ले, तो वह 30 घंटों तक सो सकता है।
अन्य न्यूज़














