मप्र किसान आंदोलन: सरकार से पहले दौर की वार्ता विफल, भोपाल की सड़कों पर रात भर डटे रहे किसान

Madhya Pradesh
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। सरकार के साथ पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद हजारों किसान रात भर सड़कों पर डटे रहे। प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाए हैं और पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए रूट डायवर्ट किए हैं।

भोपाल, 29 जुलाई न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे किसानों से मंगलवार रात सरकार ने पहले दौर की वार्ता की जो बेनतीजा रही। इस वार्ता के दौरान किसानों को आश्वस्त किया गया कि सरकार उनकी जायज मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इसके बावजूद किसान पूरी रात सड़कों पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।

किसानों के प्रदर्शन के कारण नर्मदापुरम रोड पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और आसपास के इलाकों में जाम लग गया। पुलिस ने परेशानी से बचने के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा कर मंगलवार रात आगे बढ़ रहे हजारों किसानों को नर्मदापुरम रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले रोक लिया गया था।

प्रशासन ने आसपास के इलाकों में मौजूद स्कूलों में बुधवार सुबह छुट्टी की घोषणा की। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोधक लगाए गए हैं तथा इसके अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) आदित्य राज सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं और यातायात मार्ग परिवर्तन प्रभावी है। वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है।

जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।’’ संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में यह पदयात्रा सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंची थी और मंगलवार को भोपाल पहुंची। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने आंदोलन कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों से मंत्रालय में मंगलवार रात मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘किसानों की प्रमुख मांगों, विशेषकर मूंग खरीद से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।’’ किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद, ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान और समय पर व उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता शामिल है। कंषाना ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा मूंग खरीद सहित अन्य विषयों पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। किसानों से चर्चा के बाद कंषाना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने पत्र में कहा किसानों को बेहतर मूल्य मिले और किसान भविष्य में भी दलहन उत्पादन के प्रति इच्छुक रहे इसे सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकाधिक लाभ उन्हें दिया जाना आवश्यक है, जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा से संभव नहीं हो सकेगा।

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