Wimbledon 2024: क्या Novak Djokovic लेंगे Jannik Sinner से बदला? सेमीफाइनल में होगी 'महाटक्कर'

नोवाक जोकोविच विंबलडन में इतिहास रचने से दो कदम दूर हैं, लेकिन सेमीफाइनल में उनके सामने यानिक सिनर की बड़ी चुनौती है, जिन्होंने पिछले साल उन्हें हराया था। यह मैच जोकोविच के अनुभव और सिनर की मौजूदा शानदार फॉर्म के बीच एक कड़ी परीक्षा होगी, जिस पर सभी टेनिस प्रशंसकों की निगाहें टिकी हैं।
विंबलडन का रोमांच अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब सभी की निगाहें उस सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जिसमें टेनिस के दो अलग-अलग दौरों का आमना-सामना देखने को मिलेगा। एक ओर अनुभवी नोवाक जोकोविच हैं, जिन्होंने पिछले डेढ़ दशक तक पुरुष टेनिस पर अपना दबदबा बनाए रखा, जबकि दूसरी ओर विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर हैं, जिन्हें नई पीढ़ी का सबसे बड़ा सितारा माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष विंबलडन के सेमीफाइनल में यानिक सिनर ने नोवाक जोकोविच को सीधे तीन सेटों में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। उस हार के बाद खुद जोकोविच ने स्वीकार किया था कि अब युवा खिलाड़ियों के सामने चुनौती पहले जैसी आसान नहीं रही है। उसी वर्ष पहली बार 2022 के बाद ऐसा हुआ था, जब विंबलडन के फाइनल में तथाकथित 'बिग फोर' का कोई भी खिलाड़ी शामिल नहीं था। फाइनल में यानिक सिनर और कार्लोस अल्कारेज आमने-सामने आए थे।
गौरतलब है कि पिछले साल जोकोविच लगातार सातवीं बार विंबलडन फाइनल में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सिनर ने उनकी राह रोक दी थी। वह हार जोकोविच की सिनर के खिलाफ लगातार पांचवीं हार भी थी और घास के कोर्ट पर पहली पराजय मानी गई थी। उस समय जोकोविच कमर और जांघ की चोट से भी जूझ रहे थे। उन्होंने तब कहा था कि उम्र और लगातार खेल का असर अब शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार जब सामने सिनर या अल्कारेज जैसे युवा और पूरी तरह फिट खिलाड़ी हों तो मुकाबला और भी कठिन हो जाता है।
अब लगभग एक साल बाद दोनों खिलाड़ी फिर से विंबलडन के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। हालांकि इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं। नोवाक जोकोविच ने क्वार्टर फाइनल में कनाडा के फेलिक्स ऑगर एलियासीम को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। यह मुकाबला विंबलडन इतिहास के सबसे लंबे क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में शामिल रहा। ऐसे में 39 वर्षीय जोकोविच की फिटनेस भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
दूसरी ओर यानिक सिनर भी पूरी तरह बेफिक्र नहीं हैं। बता दें कि ऑस्ट्रेलियन ओपन में जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान उन्हें शरीर में पानी की कमी और ऐंठन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। हालांकि उसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार कई बड़े खिताब जीते। उन्होंने इंडियन वेल्स, मियामी, मोंटे कार्लो, मैड्रिड और रोम जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अपने नाम किए और लगातार 30 मुकाबलों में जीत दर्ज की। लेकिन बाद में रोलां गैरो में उन्हें अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनकी शारीरिक स्थिति की जांच भी कराई गई थी।
सिनर ने सेमीफाइनल से पहले कहा कि नोवाक जोकोविच के खिलाफ हर मुकाबला अलग होता है। उनके अनुसार घास के कोर्ट पर यदि सर्विस या टाइमिंग में थोड़ी भी कमी रह जाए तो जीत हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जोकोविच कई बार यह खिताब जीत चुके हैं और उन्हें पता है कि ऐसे बड़े मुकाबलों में कैसे खेलना होता है। सिनर ने विश्वास जताया कि वह हर अंक के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस बार सिनर की सर्विस शानदार रही है। पिछले वर्ष उन्होंने 62 ऐस लगाए थे, जबकि इस बार शुरुआती पांच मुकाबलों में ही वह 97 ऐस लगा चुके हैं। पहली सर्विस पर उन्होंने लगभग 85 प्रतिशत अंक जीते हैं और पूरे टूर्नामेंट में केवल छह बार ही उनकी सर्विस टूटी है। सिनर का कहना है कि इस बार उनकी सर्विस पिछले साल से बेहतर है और गर्म मौसम की वजह से गेंद अधिक तेजी से चल रही है, जिसका उन्हें फायदा मिल रहा है।
वहीं नोवाक जोकोविच के सामने इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। यदि वह इस बार विंबलडन का खिताब जीतते हैं तो वह मार्गरेट कोर्ट के साथ साझा किए जा रहे 24 ग्रैंड स्लैम एकल खिताबों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं। यह उनके करियर का 55वां ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल भी है। जोकोविच ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस उम्र में भी वह अपने से करीब 15 वर्ष छोटे खिलाड़ियों के खिलाफ बराबरी का मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी खुद से अपेक्षाएं आज भी पहले जैसी ही हैं और वह अभी भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को बड़े मंच पर हराने का विश्वास रखते हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे जोकोविच बाजी मारते हैं या फिर विश्व नंबर एक यानिक सिनर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर नई पीढ़ी के दबदबे को और मजबूत करते हैं।
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