Trump के टॉरगेट पर लॉरेंस बिश्ननोई! क्या है अमेरिका का Operation Hardball

Lawrence
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अभिनय आकाश । Jul 9 2026 2:38PM

लॉरेंस गोल्डी बराड का गैंग कैसे ऑपरेट करता है। कैसे भय को हथियार बनाया जाता है। ऐसे आरोप भी हैं जो भ्रष्ट अफसरों के कान खड़े कर सकते हैं। जांच में पंजाब के एक एसएओ का नाम क्यों आ रहा है? और क्या जिस लॉरेंस को भारत में एक ही जेल से दूसरी जेल ले जाना संभव नहीं है, एक कानून के तहत वो प्रोविजन किया गया है। उस लॉरेंस बिश्नोई को भारत अमेरिका के हवाले करेगा? तमाम मुद्दों का एमआरआई स्कैन करेंगे।

जस्टिन ट्रूडो एक दिन अपनी संसद में खड़े होकर क्रेडिबल एलिगेशन समझा रहे थे। कनाडा में एक आतंकी की हत्या के पीछे भारत का हाथ बता रहे थे। लेकिन 7 जुलाई को कनाडा के सीबीसी पर एक पत्रकार ने पुलिस की डेपुटी कमिश्नर लीसा मोलैंड से एक सवाल पूछा कि पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने तो यह आरोप लगाया था कि हरदीप सिंह निजर की हत्या में भारत सरकार शामिल थी उसके एजेंट क्या आपकी इस जांच में इस आरोप को लेकर कोई सबूत मिला है? इस सवाल पर डिप्टी कमिश्नर पहले कुछ सेकंड्स के लिए चुप रहे। लेकिन बाद में उन्होंने साफ कहा कि जांच ऑर्गेनाइज्ड क्राइम पर फोकस्ड है और अब तक जांच में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया जो भारत सरकार या भारतीय अधिकारियों को इस हत्या से जोड़ता हो। जिसके बाद साफ है कि ट्रूडो का क्रेडिबल एलिगेशन औंधे मुंह गिरा। कनाडा पुलिस ने यह खुलासा तब किया है जब कुछ ही घंटों पहले कनाडा के साथ-साथ यूएस में भी लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े 50 ठिकानों पर रेड पड़ी। दो दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में निज्जर हत्या से जुड़े खुलासे हुए। जिसमें आरोपी के तौर पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड का नाम आया। हालांकि अमेरिका ने भी निज्जर हत्याकांड में भारत सरकार की किसी भूमिका का आरोप नहीं लगाया है। कैलिफोर्निया से लेकर कनाडा तक बिश्नोई गैंग पर पड़ी रेड में क्या-क्या सामने आया? लॉरेंस गोल्डी बराड का गैंग कैसे ऑपरेट करता है। कैसे भय को हथियार बनाया जाता है। ऐसे आरोप भी हैं जो भ्रष्ट अफसरों के कान खड़े कर सकते हैं।  जांच में पंजाब के एक एसएओ का नाम क्यों आ रहा है? और क्या जिस लॉरेंस को भारत में एक ही जेल से दूसरी जेल ले जाना संभव नहीं है, एक कानून के तहत वो प्रोविजन किया गया है। उस लॉरेंस बिश्नोई को भारत अमेरिका के हवाले करेगा? तमाम मुद्दों का एमआरआई स्कैन करेंगे।

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ईरान के साथ युद्ध विराम तोड़कर अमेरिका ने दुनिया में आर्थिक अस्थिरता की वापसी करा दी है। दूसरी तरफ अमेरिका की जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई का रुख उस गैंग की तरफ कर दिया है जिसकी दहशत भारत, अमेरिका और कनाडा समेत दुनिया के कई देशों में है। अमेरिका ने संगठित अपराध के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान को ऑपरेशन हार्ड वॉल नाम दिया गया है। अभियान के तहत गैंगस्टर लॉरेंस बिश्ननोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। लॉरेस के साथ ही एक और गैंगस्टर गोल्डी बरार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है। एफबीआई ने लॉरेंस और गोल्डी को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का दोषी माना है। 

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

हरदीप सिंह निजर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सरे शहर में रहता था। साल 1997 में पंजाब से कनाडा चला गया। शुरुआत में वहां प्लमर के तौर पर काम करता था। बाद में उसने कनाडा में शादी भी की। साल 2020 से वह सरे में एक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष था। इसी साल हिंदुस्तान ने उसे आतंकवादी घोषित किया। निजर को खालिस्तान टाइगर फोर्स का हेड बताया जाता था। साल 2023 में कनाडा के हिसरे में गुरुद्वारे की पार्किंग में दो नकाबपोश हमलावरों ने उसे गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद जब कनाडा की सरकार ने इस हत्या की जांच करनी शुरू की। ट्रूडो ने इल्जाम लगाया कि इस हत्या के पीछे हिंदुस्तान है। इसके बाद यह भी सामने आया कि कनाडा अमेरिका के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रहा है क्योंकि फाइव आईएस का अलायंस है। दोनों के बीच में इंटेलिजेंस शेयरिंग होती है। इसी वजह से दोनों देशों ने मिलकर खुफिया जानकारी पर काम के एक दूसरे को शेयर किया।  7 8 जुलाई जिसकी हम बात कर रहे हैं। आज का जो क्रैकडाउन यूएस में हुआ है। इसी मामले से जुड़ा हुआ था। अमेरिकी एजेंसियों ने इसे ऑपरेशन हार्ड बॉल कहा। 50 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी हुई। यूएस, कनाडा और यूरोप के पुलिस ने मिलकर 24 लोगों को अरेस्ट किया। इनमें से 11 कैलिफोर्निया में पकड़े गए। इसलिए कैलिफोर्निया का नाम भी आ रहा है। ये सारे लोग हिंदुस्तान से जुड़े तीन बड़े इंटरनेशनल क्राइम सिंडिकेट से जुड़े बताए जा रहे हैं। गिरफ्तारी 24 की हुई है। लेकिन कुल आरोपी 37 हैं। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने जो इंडकमेंट यानी आरोप पत्र जारी किया है उसके मुताबिक इनमें से दो आरोपी हिंदुस्तान की जेलों में रहते हुए अपना इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क चला रहे हैं। 

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दस्तावेज़ों में अंडरवर्ल्ड नेटवर्क का पूरा ब्लूप्रिंट

अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क का ब्लूप्रिंट तैयार है। दावा है कि कभी छात्र राजनीति से पहचान बनाने वाला लॉरेंस बिश्नोई जेल में रहते हुए भी तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को संचालित करता रहा। अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैले इस नेटवर्क को संभालने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भरोसेमंद सहयोगी तैनात किए गए थे। FBI के मुताबिक लॉस एंजेलिस एरिया में लाखों डॉलर की रंगदारी मांगी गई। एक मामले में 50 लाख डॉलर तक की मांग का आरोप है। जांच में जग्गू भगवानपुरिया नेटवर्क का भी उल्लेख है, जिसके कथित तौर पर दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं।

FBI ने गोल्डी बराड़ की सूचना पर रखा 50,000 डॉलर

का इनामः FBI ने गोल्डी बराड़ की सूचना देने वाले को 50,000 डॉलर का इनाम देने का ऐलान किया है। FBI ने अपील की है कि अगर किसी के पास गोल्डी बराड़ के बारे में जानकारी हो तो वे FBI की हेल्पलाइन 1-SOO-CALL-FBI पर संपर्क करें या FBI की वेबसाइट के माध्यम से सूचना साझा करें। एफबी आई के मुताबिक गोल्डी बराड़ कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के क्राइम सिंडिकेट ग्रुप का उत्तर अमेरिका में प्रमुख ऑपरेटर है। FBI के मुताबिक, गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया समेत अमेरिका और कनाडा में कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी है।

बंदूक से ज्यादा डर को ब्रांड बनाया

कनाडा, अमेरिका और यूरोप में भारतीय मूल के कारोबारियों व प्रवासियों से रंगदारी वसूली-हिंसा बढ़ने पर अमेरिकी एजेंसियों ने जांच शुरू की। 'ऑपरेशन हार्डबॉल' में सैकड़ों अधिकारी जांच में जुटे। भारत से जुड़े 3 संगठित अपराध नेटवर्क लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा के गिरोहों का इसमें जिक्र है। 37 लोग आरोपी हैं। 24 आरोपी गिरफ्तार हुए। 11 कैलिफोर्निया में, एक इंडियाना, एक जॉर्जिया, 3 कनाडा और एक स्पेन में पकड़े गए। 7 पहले से हिरासत में थे। चार्जशीट के अनुसार, भारतीय जेलों से संचालित गिरोह विदेशों में मौजूद नेटवर्क के जरिए ड्रग्स तस्करी, रंगदारी, हथियार सप्लाई और टारगेटेड किलिंग करते हैं। हर वारदात के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेकर लोगों में डर पैदा किया जाता, ताकि अगला शिकार बिना विरोध रंगदारी दे दे। दस्तावेज के अनुसार इसी डर के सहारे ये भारत से लेकर अमेरिका और कनाडा तक नेटवर्क फैलाते गए। गरीब व नाबालिग युवा भर्ती किए जाते हैं।

पंजाब के एसएचओ ने मांगी 4 लाख डॉलर की रंगदारी

अटॉनों कार्यालय के शीर्ष अभियोजक बिल एस्सायली ने कहा कि पंजाब का एक एसएचओ अमेरिका में बसे परिवार से 4 लाख डॉलर रंगदारी मांगने में शामिल था। भारत में रह रहे रिश्तेदारों पर हत्या के झूठे केस की धमकी दी गई थी।' इसके बाद होशियारपुर के एसएसपी ने टांडा थाने के एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइन हाजिर कर आरोपों की जांच के आदेश दिए।

क्या अमेरिका मांगेगा लॉरेंस का प्रत्यर्पण?

ऑपरेशन हार्ड बॉल के बाद सबसे बड़ा सवाल अब लॉरेंस बिश्नोई को लेकर खड़ा हो गया है। क्या उसका प्रत्यर्पण होगा। कनाडा के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बयान दिया है कि अमेरिका, निज्जर हत्याकांड और अन्य मामलों में मुकदमे के लिए भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है। फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बंद है।

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