ओलंपिक में पीवी सिंधू अब भी विरोधियों के लिए बड़ी चुनौती, कोच पुलेला गोपीचंद ने जताया भरोसा

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भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने पीवी सिंधू के हालिया प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उन्हें आगामी ओलंपिक का मजबूत दावेदार बताया है। गोपीचंद का मानना है कि सिंधू की खेल शैली आज भी प्रतिद्वंद्वियों के लिए एक कठिन पहेली बनी हुई है।

भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू के खेल को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोपीचंद का मानना है कि जापान में सिंधू ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह काफी उत्साहजनक है और वह आगामी ओलंपिक में अपने प्रतिद्वंद्वियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होंगी। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने जापान ओपन के जरिए करीब दो साल बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है।

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान गोपीचंद ने कहा कि सिंधू निश्चित रूप से पदक की मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने कहा कि यह देखना रोमांचक होगा कि वह आन से यंग जैसी खिलाड़ियों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन उनमें चेन यूफेई और हान यूए जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को हराने की पूरी क्षमता है। गोपीचंद के अनुसार, कई खिलाड़ी अब भी सिंधू की खेल शैली को पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं, जो उन्हें भविष्य में भी खतरनाक बनाता है।

जापान ओपन के सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधू चीन की तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चेन यूफेई के खिलाफ 21-19, 15-10 से आगे चल रही थीं, तभी यूफेई को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैच छोड़ना पड़ा। सिंधू ने 2024 में लखनऊ में आयोजित सैयद मोदी इंटरनेशनल खिताब जीतने के बाद पहली बार किसी फाइनल में प्रवेश किया है। इससे पहले उनका आखिरी बड़ा खिताब 2022 का सिंगापुर ओपन था। कोच ने कहा कि हान यूए के खिलाफ सिंधू का 8-1 का रिकॉर्ड उनकी श्रेष्ठता को दर्शाता है।

टूर्नामेंटों के सख्त नियमों पर बात करते हुए गोपीचंद ने कहा कि सुपर 750 जैसे आयोजनों में खिलाड़ियों की भागीदारी अनिवार्य होती है। कई बार खिलाड़ी जुर्माने से बचने के लिए चोटिल होने के बावजूद कोर्ट पर उतरते हैं और इसी वजह से बीच मैच में हटने की स्थिति पैदा होती है। गौरतलब है कि भारत 17 साल के अंतराल के बाद 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के 400 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे।

भारतीय दल की अन्य उम्मीदों पर गोपीचंद ने कहा कि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी किसी भी दिन खिताब जीतने का दम रखती है। सात्विक फिलहाल कंधे की चोट से उबर रहे हैं और उम्मीद है कि वह विश्व चैंपियनशिप तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। इसी चोट की वजह से वे अगले सप्ताह होने वाले चाइना ओपन में नहीं खेलेंगे। इसके अलावा, कोच ने युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी की भी जमकर प्रशंसा की और कहा कि पुरुष एकल वर्ग में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है।

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