International Nelson Mandela Day 2026: दक्षिण अफ्रीका में लोकतंत्र की नींव रखने वाले नायक की कहानी, जानें क्यों मिला Nobel Peace Prize

हर साल 18 जुलाई को पूरी दुनिया में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह दिन नेल्सन मंडेला के जीवन और विरासत का सम्मान करने का दिन है। नेल्सन मंडेला एक क्रांतिकारी नेता थे।
हर साल 18 जुलाई को पूरी दुनिया में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह दिन नेल्सन मंडेला के जीवन और विरासत का सम्मान करने का दिन है। नेल्सन मंडेला एक क्रांतिकारी नेता थे और उन्होंने रंगभेद के खिलाफ शांति, लड़ाई, सुलह और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। तो आइए जानते हैं इस दिन के इतिहास और महत्व के बारे में...
जानें कौन थे नेल्सन मंडेला
साल 1994 से लेकर 1999 तक नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति रहे। 18 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका के म्वेजो में नेल्सन मंडेला का जन्म हुआ था। वह रंगभेद के खिलाफ संघर्ष में एक केंद्रीय व्यक्ति थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में बहु-नस्लीय लोकतंत्र में बदलाव में अहम भूमिका निभाई थी।
मंडेला ने अश्वेत लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी। जिनको बहुसंख्यक होने के बाद भी श्वेत अल्पसंख्यकों से भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपना जीवन समानता और न्याय सुनिश्चिक करने व मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। मंडेला के इस योगदान के लिए उनको साल 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था।
इतिहास
नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस को ऑफिशियल रूप पर नवंबर 2009 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया था। पहला ऑफिशियल उत्सव 18 जुलाई 2010 को मंडेला के 92वें दन्मदिन पर मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को सामाजिक न्याय, सामुदायिक सेवा और गरीबी के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा देने के लिए मान्यता दी। यह दिन नेल्सन मंडेला की विरासत को याद करने के साथ मानवता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध होने का आह्वान करता है।
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