IOA विशेष बैठक में NSGA 2025 के अनुरूप संविधान संशोधनों पर लगाएगा मुहर

भारतीय ओलंपिक संघ मंगलवार को नई दिल्ली में विशेष आम सभा की बैठक आयोजित कर रहा है जिसमें नए खेल प्रशासन नियमों के तहत संविधान में बदलावों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इस बैठक में दिसंबर में प्रस्तावित चुनावों की संभावित तारीखों और नए नियमों के तहत पदों की पात्रता पर भी विमर्श होगा।
नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) मंगलवार को यहां होने वाली अपनी आम सभा की विशेष बैठक (एसजीबीएम) में अपने संविधान में राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) 2025 के अनुरूप किए गए बदलावों को मंजूरी देगा। आईओए की कार्यकारी समिति ने 19 अगस्त को यहां हुई बैठक में अपने मौजूदा संविधान में किए गए संशोधनों को मंजूरी दे दी थी। आईओए के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह महज औपचारिकता होगी और एसजीबीएम में बदलावों को मंजूरी देने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
बैठक छोटी होगी।’’ पता चला है कि आईओए के संशोधित संविधान का शुरुआती मसौदा पहले ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को भेजा जा चुका है। आम सभा आईओए के चुनाव की संभावित तारीख पर भी चर्चा करेगी जो दिसंबर में होने हैं। दिग्गज फर्राटा धाविका पीटी उषा की अगुवाई वाले मौजूदा पदाधिकारियों को 10 दिसंबर 2022 को चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था।
नए पदाधिकारियों के चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग का पुनर्गठन करना होगा और ‘स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ मेरिट’ का चयन करना होगा जिससे कि वे पदाधिकारियों के चुनाव के लिए आम सभा के मतदान करने वाले सदस्य बन सकें। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप खुद को ढालने के लिए आईओए के सामने कुछ पेचीदा मुद्दे हैं जिनमें उम्र और कार्यकाल से जुड़े दिशानिर्देश भी शामिल हैं। सरकार ने इसे जनवरी में अधिसूचित किया था।
आईओए के मौजूदा संविधान के अनुसार चुनाव की तारीख तक 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुका कोई सदस्य पदाधिकारी के किसी पद के लिए पात्र नहीं है। हालांकि एनएसजीए के तहत 70 से 75 वर्ष की आयु वाला व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है या नामांकन मांग सकता है, बशर्ते अंतरराष्ट्रीय चार्टर और नियम इसकी अनुमति देते हों। आईओए के संविधान में यह भी प्रावधान है कि कोई सदस्य लगातार दो कार्यकाल से अधिक समय तक पदाधिकारी के एक या अधिक पद पर नहीं रह सकता।
दो लगातार कार्यकाल पूरे करने के बाद उसे ब्रेक लेना होगा जिसके बाद ही वह एक और कार्यकाल के लिए पद संभालने का पात्र होगा। वहीं एनएसजीए के तहत कोई व्यक्ति अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष के पद पर अलग-अलग या इनके संयोजन में लगातार अधिकतम तीन कार्यकाल तक रह सकता है और इसके लिए किसी ब्रेक की जरूरत नहीं है। एनएसजीए 2025 को लागू करने के लिए आईओए की कार्यकारी समिति के सदस्यों की संख्या भी घटाकर 15 करनी होगी जिसमें भारत में आईओसी का एक सदस्य भी शामिल होगा।
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