Asian Champions Trophy: Harmanpreet Singh और सुखजीत के दम पर भारत ने China को 5-2 से रौंदा

जालंधर में खेले गए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन के खिलाफ 5-2 से जोरदार जीत दर्ज की। हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह के दो-दो गोल के अलावा जुगराज सिंह ने भी मेजबान टीम के लिए पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा। टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने के बाद अब भारत का अगला मुकाबला शुक्रवार को जापान से होगा।
(सौमोज्योति एस चौधरी) जालंधर, 29 अक्टूबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्ट्राइकर सुखजीत सिंह ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने दो-दो गोल किए, जिससे भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट में चीन को 5-2 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। सुखजीत (12वें और 34वें मिनट) ने दो शानदार मैदानी गोल दागे, जबकि हरमनप्रीत (27वें और 31वें मिनट) ने भारत के लिए दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। जुगराज सिंह (47वें मिनट) ने भी ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में मेजबान टीम के लिए पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा।
चीन ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए। उसके लिए पेंग यांग (26वें मिनट) और चोंगकॉन्ग चेन (36वें मिनट) ने यह गोल किए। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में बांग्लादेश को 13-0 से हराया था, जबकि चीन एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया से 4-5 से हार गया था।
भारत अपना अगला मैच शुक्रवार को जापान के खिलाफ खेलेगा, जबकि चीन का मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा। भारतीय टीम ने शुरू से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और उसके खिलाड़ी कई बार सर्कल में पहुंचे, लेकिन 12वें मिनट तक कोई वास्तविक अवसर बनाने में असफल रहे। खेल के 12वें मिनट में जुगराज ने चीन के सर्कल के अंदर अकेले खड़े सुखजीत को गेंद दी जिसे इस स्ट्राइकर ने खूबसूरती से चीन के गोलकीपर हुआन्यु वू के ऊपर से गोल में डाल दिया।
चीन को 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में पहला मौका मिला, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने इसे नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने 20वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इनका फायदा उठाने में नाकाम रहा। भारतीय टीम ने लगातार हमले किए लेकिन चीन की रक्षापंक्ति ने अच्छा खेल दिखाकर उसे गोल नहीं करने दिया।
चीन की युवा और अनुभवहीन टीम ने पेनल्टी कॉर्नर से 26वें मिनट में बराबरी का गोल किया। तब पेंग यांग ने भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक के दाईं ओर ड्रैग-फ्लिक से गोल दागा। भारत ने जवाबी हमला किया और एक मिनट बाद ही फिर से बढ़त हासिल कर ली।
हरमनप्रीत ने भारतीय टीम को मिले तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर फ्लिक शॉट से गोल किया। चीन की टीम ने हाफटाइम से महज 30 सेकंड पहले लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन भारत ने उन्हें इसका फायदा नहीं उठाने दिया। भारत ने दूसरे हाफ शानदार शुरुआत की।
हरमनप्रीत ने टीम के चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर एक और शानदार फ्लिक शॉट से गोल करके भारत टीम को 3-1 की बढ़त दिला दी। भारत ने तीन मिनट बाद अपनी बढ़त को और मजबूत कर दिया जब सुखजीत ने आदित्य अर्जुन लालगे के पास को गोल में बदला। चीन के युवा खिलाड़ी हार मानने के मूड में नहीं थे और उन्होंने दो मिनट बाद ही चोंगकॉन्ग चेन के पेनल्टी कॉर्नर पर किए गए गोल से स्कोर 4-2 कर दिया।
भारत को जल्द ही अपना पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिल गया, लेकिन इस बार जुगराज सिंह के फ्लिक शॉट को चीन के गोलकीपर वू ने आसानी से रोक दिया। भारत ने चीन की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा और चौथे और अंतिम क्वार्टर के दो मिनट बाद लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। इस बार जुगराज ने कोई गलती नहीं की और दमदार ग्राउंडेड फ्लिक से गोल दाग दिया।
भारत को फाइनल हूटर बजने से दो मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार हरमनप्रीत के प्रयास को चीन के गोलकीपर ने नाकाम कर दिया।
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