Delhi Weather: चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन, 25.4 डिग्री पर लुढ़का पारा

चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने और व्यापक बारिश के चलते उत्तर भारत में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.6 डिग्री नीचे रहा। मौसम विभाग ने एनसीआर और आसपास के राज्यों के लिए रेड तथा ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत में बृहस्पतिवार को दिन के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया और इस दौरान कमजोर पड़ रहे ‘अत्यंत भीषण’ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से क्षेत्र में भारी बारिश हुई। अधिकतम तापमान हरियाणा के करनाल में 20.6 डिग्री सेल्सियस से लेकर पंजाब के पटियाला में 27.4 डिग्री सेल्सियस तक रहा।
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिनों के दौरान दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की आशंका को लेकर ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए हैं। यह पूर्वानुमान ऐसे समय आया है, जब चक्रवात ‘अर्नब’ बृहस्पतिवार को गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर पड़ गया।
इससे एक दिन पहले यह आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराया था। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बाढ़ आ गई। दिल्ली में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे।
शहर में पिछले 24 घंटों के दौरान रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। हरियाणा के अंबाला में अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री कम है, जबकि करनाल में यह 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नौ डिग्री कम है। नारनौल, रोहतक और भिवानी में अधिकतम तापमान क्रमशः 25.5, 24.6 और 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंजाब के पटियाला में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट, बठिंडा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान क्रमशः 30.4, 30.6, 29, 31 और 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लखनऊ स्थित मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में लगभग पांच से आठ डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट का भी अनुमान जताया है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सुल्तानपुर और अमेठी समेत कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बुधवार सुबह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना मौसम तंत्र कमजोर होकर अवदाब में बदल गया था। इसके उत्तर की ओर बढ़ने और बृहस्पतिवार शाम तक कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, मुरारी देवी और पालमपुर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर सहित चार जिलों के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में रात का तापमान सबसे कम, शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान में एक नये पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदल गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
झारखंड मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा में बुधवार शाम से अब तक सबसे अधिक 71.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझारी में 64 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में रांची में 26.2 मिलीमीटर और चाईबासा में 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
चक्रवात के मद्देनजर रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा समेत कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। इस दौरान चक्रवात ‘अर्नब’ दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर केंद्रित था।
मौसम विभाग ने बताया कि मौसम तंत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब में बदलने की संभावना है। ओडिशा में भारतीय तटरक्षक बल ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित गंजाम जिले में फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालना शुरू कर दिया है। चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद राज्य सरकार ने दो जिलों में बचाव अभियान के लिए विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की 79 टीम तैनात की हैं।
राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि गंजाम जिले के करीब 300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हवाई मार्ग से लोगों को निकालने की व्यवस्था करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है।
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