राहुल गांधी मानहानि केस: जी मीडिया ने अदालत से कहा, 2014 की रैली का फुटेज उपलब्ध नहीं

महाराष्ट्र के भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत में जी मीडिया ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि उसके पास 2014 की राहुल गांधी की रैली का मूल वीडियो फुटेज नहीं है। चैनल ने स्पष्ट किया कि 12 साल पुरानी इस कवरेज का रिकॉर्ड नियमों के अनुसार 90 दिनों तक ही सुरक्षित रखा जाना अनिवार्य था। आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे द्वारा दायर इस मानहानि मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।
जी मीडिया ने महाराष्ट्र में भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत को बताया कि चैनल के पास 2014 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली का मूल वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया है। कुंटे का आरोप है कि राहुल गांधी ने छह मार्च 2014 को जिले के सोनाले गांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी की हत्या को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़कर कथित रूप से अपमानजनक बयान दिया था।
रैली के वीडियो साक्ष्य पेश करने के लिए अदालत के समन के जवाब में जी मीडिया (जी 24 तास) ने एक औपचारिक हलफनामा दाखिल कर कहा कि चैनल उक्त फुटेज पेश करने में असमर्थ है। मीडिया नेटवर्क ने कहा कि इस कार्यक्रम का प्रसारण 12 साल से अधिक समय पहले हुआ था और मानक ‘‘अनुपालन लॉगिंग’’ दिशानिर्देशों के तहत टीवी चैनलों के लिए प्रसारण रिकॉर्ड केवल 90 दिनों तक सुरक्षित रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। मीडिया समूह ने कहा कि कार्यक्रम को कवर करने वाले पत्रकार भी अब या तो नौकरी छोड़ चुके हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि अदालत ने शनिवार को मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तारीख तय की।
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