West Bengal में Durga Puja की महाअष्टमी पर शराब बिक्री और डीजे पर रोक

पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की दुकानों और बार को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विसर्जन जुलूसों और उत्सव के दौरान तेज आवाज वाले डीजे बजाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आयोजकों से पूजा पंडालों और मूर्तियों में पारंपरिक स्वरूप और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की है।
कोलकाता, सात सितंबर पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन राज्य भर में शराब की दुकानें और बार बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने त्योहार को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। कोलकाता में मिलन मेला प्रांगण में दुर्गा पूजा समितियों के साथ एक समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाअष्टमी के दिन राज्य में कहीं भी शराब की बिक्री नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा को अंजलि (महाअष्टमी) अर्पित करते हैं, उस दिन राज्य में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। बार में भी शराब उपलब्ध नहीं होगी।’’ यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब दुर्गा पूजा के दिनों में आमतौर पर शराब की मांग काफी अधिक रहती है। अधिकारी ने त्योहार के दौरान ‘डीजे’ (तेज आवाज में संगीत) और विसर्जन जुलूसों पर भी पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की और अनुशासन बनाए रखने तथा त्योहार के पारंपरिक स्वरूप को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनकी मूर्तियां, पंडाल और थीम धार्मिक भावनाओं को आहत न करें या सनातन परंपराओं को कमजोर न करें। उन्होंने कहा कि थीम-आधारित पूजा की अनुमति होगी, लेकिन आयोजकों से अपनी थीम चुनने में अधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया। प्रशासन ने पूजा से जुड़ी गतिविधियों के लिए सड़कों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया है।
पूजा के आयोजन के लिए किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 मुख्य सड़कों की पहचान की गई है, जहां ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवी पक्ष शुरू होने से पहले पूजा के उद्घाटन की अनुमति नहीं देगी।
देवी पक्ष हिंदू कैलेंडर के आश्विन मास में आने वाला शुक्ल पक्ष है, जो देवी दुर्गा की पूजा और आह्वान के लिए समर्पित माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर देवी पक्ष शुरू होने से पहले कई दुर्गा पूजाओं का उद्घाटन करने का आरोप लगा था। विसर्जन के बारे में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोजकों को लक्ष्मी पूजा से पहले तय समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘विसर्जन की तारीख बदलने के लिए किसी पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा और न ही किसी को धमकाया जाएगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘शरद सम्मान’ पुरस्कारों के लिए एक निष्पक्ष निर्णायक मंडल भी बनाएगी, जिसके सदस्यों का चयन दुर्गा पूजा के पारंपरिक, अनुष्ठानिक और सांस्कृतिक पहलुओं की उनकी जानकारी के आधार पर किया जाएगा। ‘शरद सम्मान’ पुरस्कार दुर्गा पूजा आयोजकों को रचनात्मक और कलात्मक उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले सम्मान हैं।
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