Punjab Police ने Gangster Afridi को Ethiopia से कराया डिपोर्ट, दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया

पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से 30 से अधिक मामलों में वांछित गुरविंदर उर्फ आफरीदी को इथियोपिया से निर्वासित कराकर हिरासत में ले लिया है। पांच लाख रुपये के इनामी इस आरोपी पर विदेश से लक्षित हत्याएं और रंगदारी सिंडिकेट चलाने का आरोप है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार, यह किसी अफ्रीकी देश से पंजाब पुलिस द्वारा किसी भगोड़े के निर्वासन का पहला मामला है।
चंडीगढ़, आठ नवंबर पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से वांछित गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ आफरीदी को 10 महीने तक चली अंतरराष्ट्रीय तलाश के बाद इथियोपिया से निर्वासित कराकर भारत लाने में सफलता हासिल की है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि उसे सात-आठ नवंबर की दरमियानी रात दिल्ली हवाई अड्डे पर राज्य पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसे पंजाब लाया जा रहा है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह राज्य पुलिस द्वारा किसी अफ्रीकी देश से भगोड़े को निर्वासित कराने का पहला मामला है। यादव ने कहा, ‘‘एक बड़ी सफलता के तहत, पंजाब की ‘एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स’ (एजीटीएफ) ने काउंटर इंटेलिजेंस, पंजाब की ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) के साथ मिलकर और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से डोनी बल-प्रभ दासूवाल गिरोह के प्रमुख सरगना गुरविंदर उर्फ आफरीदी को 10 महीने तक चले अंतरराष्ट्रीय तलाश अभियान के बाद इथियोपिया से निर्वासित कराने में सफलता हासिल की है।’’ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उस पर विदेश में बैठकर पंजाब में लक्षित हत्याओं, रंगदारी वसूली के लिए गोलीबारी कराने और संगठित आपराधिक नेटवर्क को निर्देशित करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, वह 30 से अधिक जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित है, जिनमें हत्या के पांच मामलों के साथ-साथ हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली और शस्त्र अधिनियम के मामले शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि आफरीदी पंजाब में हत्या के पांच सनसनीखेज मामलों में वांछित है, जिसमें सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी (अक्टूबर 2024), 12 वर्षीय लड़के गुरसेवक सिंह (मार्च 2025), विक्की चुघ (मार्च 2025), जसवंत सिंह (मई 2025) और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह (सितंबर 2025) की हत्याएं शामिल हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (एजीटीएफ) प्रमोद बान और विशेष पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद के साथ डीजीपी यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह किसी अफ्रीकी देश से पंजाब पुलिस द्वारा किसी भगोड़े को निर्वासित कराए जाने का पहला मामला है, जो संगठित अपराध के खिलाफ राज्य की निरंतर कार्रवाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह कार्रवाई 10 महीने तक चली मेहनत का सफल परिणाम है।
इस अभियान के तहत कई देशों में लगातार निगरानी रखी गई, खुफिया जानकारी जुटाई गई और आरोपी की तलाश की गई। यह पूरी कार्रवाई एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की गई।’’ डीजीपी यादव ने कहा कि आफरीदी फर्जी पासपोर्ट के जरिए 31 मार्च 2025 को मुंबई हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात भाग गया था। यह फर्जी पासपोर्ट गोरखपुर निवासी नाम पर प्राप्त किया गया था और 12 फरवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जारी किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी कई महाद्वीपों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों से लगातार बच रहा था।’’ यादव ने कहा कि शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात में छिपे रहने के बाद, आरोपी गुरविंदर आफरीदी ने इस्तांबुल के रास्ते मेक्सिको भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे वापस संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया। इसके बाद, वह अप्रैल 2026 में केन्या चला गया, जून 2026 में अंगोला गया और नवंबर 2026 में इथियोपिया पहुंच गया। यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने गुरविंदर आफरीदी के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया, और केंद्रीय एजेंसियों के साथ उसकी फर्जी पहचान एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की तथा सात इंटरपोल संदर्भ जारी किए।
अधिकारी ने कहा कि इसके बाद छह नवंबर को इथियोपिया में उसे हिरासत में लिया गया और उसके बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया। यादव ने कहा कि उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया और कानून का सामना करने के लिए पंजाब लाया जा रहा है। पाकिस्तान से संबंधित एक सवाल के जवाब में, डीजीपी ने कहा कि पड़ोसी देश ‘‘हमेशा परेशानी पैदा करना चाहता है और छद्म युद्धों के माध्यम से, वह भारत को हजारों घावों से लहूलुहान करना चाहता है तथा इसके लिए आईएसआई का इस्तेमाल किया जाता है।’’
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