पुणे में Ganeshotsav के दौरान DJ पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन

पुणे में गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज में बजने वाले डीजे और साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि अत्यधिक शोर से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं। दूसरी ओर, गणेश मंडलों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, हालांकि वे नियमों का पालन करेंगे।
पुणे के सैकड़ों निवासियों ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज में संगीत बजाने और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अत्यधिक शोर के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और दो-तीन दिन के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है। हालांकि, कुछ गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि तेज आवाज में संगीत के मुद्दे पर केवल गणेश मंडलों को निशाना बनाया जा रहा है।
इस वर्ष गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। रविवार को शहर के प्रमुख स्थल गुडलक कैफे चौक के पास सैकड़ों लोग एकत्र हुए और गणेश मंडलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तेज आवाज के साउंड सिस्टम के खिलाफ नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे ये अत्यधिक तेज ध्वनि वाले संगीत उपकरण हमें बीमार कर रहे हैं।
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गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हमें दो से तीन दिन के लिए शहर छोड़ना पड़ता है। हम डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध चाहते हैं।’’ एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह विरोध किसी विशेष धर्म या जाति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ध्वनि प्रदूषण के अत्यधिक स्तर के खिलाफ एकजुट हुए हैं, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं।
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कोई भी त्योहार हो, शहर में जगह-जगह साउंड सिस्टम का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाता है। यह बिल्कुल असहनीय है।’’ दूसरी ओर, एक गणेश मंडल के प्रतिनिधि ने डीजे और साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध की मांग करने वाले लोगों पर पर्यावरण प्रदूषण की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुठा नदी प्रदूषित हो चुकी है, लेकिन इस मुद्दे को कौन उठा रहा है?
वे केवल गणेश मंडलों को निशाना बनाना चाहते हैं।’’ मंडल के एक अन्य सदस्य ने बताया कि गणेश मंडलों ने साउंड में ‘प्रेशर-मिड’ और ‘प्लाज्मा’ जैसे उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लिया है। इससे ध्वनि की तीव्रता कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी गणेश मंडल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
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