PM Modi ने Ekta Nagar में भारत पर्व 2026 का किया शुभारंभ

गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट आयोजित सांस्कृतिक उत्सव का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने सरदार सरोवर बांध के बैकड्रॉप में आनंदमठ उपन्यास पर तैयार भव्य नाटक का भी मंचन देखा। यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर की पारंपरिक कलाकृतियां, विरासत और क्षेत्रीय व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के ऐतिहासिक उपन्यास ‘आनंदमठ’ पर आधारित एक भव्य नाट्य प्रस्तुति भी देखी। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) की नाट्य मंडली द्वारा सरदार सरोवर बांध की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत, 300 कलाकारों वाला यह नाटक ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।
अपने गृह राज्य के दो-दिवसीय दौरे पर आए मोदी ने प्रदर्शनी का दौरा किया और विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के स्टॉल मालिकों और शिल्पकारों से बातचीत की। संबंधित कार्यक्रम देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित किए गए। इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, वार्षिक ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करना और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देना है।
पंद्रह नवंबर तक चलने वाले इस पर्व में लोक प्रस्तुतियां, व्यंजनों के स्टॉल और ऐसी प्रदर्शनियां हैं, जिनमें पीढ़ियों से चली आ रहीं हस्तनिर्मित वस्तुएं, पारंपरिक कलाकृतियां और हथकरघा उत्पाद प्रस्तुत किए गए हैं। इसका उद्देश्य एकता नगर के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री एनएसडी द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘आनंद मठ’ देखने के लिए ‘डैम व्यू पॉइंट’ पहुँचे।
वहाँ खचाखच भरे खुले सभागार में जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया गया। इस नाटक ने संगीत, डिजिटल पृष्ठभूमि और बंगाल के ‘संन्यासी विद्रोह’ पर आधारित नाटकीय कथा-शैली के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के 19वीं सदी के मशहूर उपन्यास ‘आनंदमठ’ को जीवंत कर दिया। इस दौरान दर्शकों ने उत्साह के साथ ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए।
प्रधानमंत्री ने चट्टोपाध्याय के पांचवीं पीढ़ी के रिश्तेदारों का अभिवादन किया, जो अगली पंक्ति में बैठे हुए थे। एनएसडी की नाट्य मंडली द्वारा प्रस्तुत यह नाटक ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तैयार किया गया। ‘वंदे मातरम’ की रचना चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी।
इसके सात साल बाद यह उपन्यास प्रकाशित हुआ। शाम ढलने के साथ ही समूचा एकता नगर शहर ‘एकता प्रकाश पर्व’ के तहत जगमगा उठा। यह रोशनी का एक ऐसा उत्सव है जो भारत की विरासत और प्रगति का जश्न मनाता है, तथा यह अगले साल 15 जनवरी तक जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइट का उपयोग करके तैयार की गईं थीम-आधारित प्रकाश और कलात्मक रचनाओं को देखा। ‘वैली ऑफ फ्लॉवर्स’ रोड पर 530 मीटर लंबी एक जगमगाती पट्टी तैयार की गई है, जो ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत’ की थीम पर आधारित है। इसमें महिला सशक्तीकरण, सुरक्षाबलों, प्रौद्योगिकी प्रगति, योग और बच्चों के लिए एक काल्पनिक दुनिया को दर्शाया गया है।
इसका एक और आकर्षण 180 मीटर लंबी ‘ग्लो टनल’ है, जिसकी थीम ‘भारत की विविधता में एकता’ है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के कलाकारों द्वारा बनाई गईं कलाकृतियों के जरिए संस्कृतियों, वास्तुकला, लोक नृत्यों, हस्तशिल्प और जीवनशैली की व्यापक झलक बिखरी हुई है।
अन्य न्यूज़













