Patna Municipal Corporation नोटिस विवाद: CM Samrat Choudhary ने बनाई समिति

बिहार में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम के नोटिसों से उपजे विवाद के समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति 26,745 संपत्ति मालिकों की आपत्तियों और कर संबंधी विसंगतियों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने को लेकर पटना नगर निगम (पीएमसी) द्वारा जारी नोटिसों से उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए मंगलवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, समिति पूरे मामले का अध्ययन करेगी और जनहित में व्यावहारिक समाधान के लिए आवश्यक कदमों की सिफारिश करेगी। उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के अनुपालन में पटना नगर निगम ने अगस्त के मध्य में 26,745 संपत्ति मालिकों को आवासीय भवनों में कथित तौर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए नोटिस जारी किए थे।
नोटिस जारी होने के बाद संपत्ति मालिकों ने लंबे समय से वाणिज्यिक कर का भुगतान करने, जोन निर्धारण में त्रुटियों तथा बेदखली और भवनों को सील करने के लिए तय की गई सख्त समय-सीमा समेत कई मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। समिति के सदस्य सचिव के रूप में नगर विकास एवं आवास मंत्री नितीश मिश्रा को नियुक्त किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह इसके अन्य सदस्य होंगे।
यह निर्णय मुख्यमंत्री और एक प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के नोटिसों से उत्पन्न विवाद के समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, श्याम रजक और संजय गुप्ता शामिल थे।
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