Delhi High Court का बड़ा फैसला, Parliament Street Police को शिकायत पर DD Number देने का दिया निर्देश

कोर्ट ने यह मामला तब निपटाया जब दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया कि याचिकाकर्ता को दिन में ही डेली डायरी (DD) नंबर के साथ पावती जारी कर दी जाएगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतीक जालान ने की।
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक रिट याचिका का निपटारा कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ने 20 जुलाई के CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के मामले में FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत की पावती (acknowledgement) देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने यह मामला तब निपटाया जब दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया कि याचिकाकर्ता को दिन में ही डेली डायरी (DD) नंबर के साथ पावती जारी कर दी जाएगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस प्रतीक जालान ने की।
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दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल आशीष दीक्षित ने बताया कि एक अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण याचिकाकर्ता की 23 जुलाई की शिकायत की पावती जारी नहीं की जा सकी थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि DD नंबर के साथ पावती दिन में जारी कर दी जाएगी और याचिकाकर्ता शाम 5 बजे के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से इसे ले सकता है। याचिकाकर्ता की बात सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने 23 जुलाई की लिखित शिकायत लेने से इनकार कर दिया था। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक हुए विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया, जो संज्ञेय अपराध (cognizable offences) की श्रेणी में आता है।
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याचिकाकर्ता के अनुसार, पुलिस स्टेशन में इंतज़ार करने और दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन व SHO से शिकायत करने के बावजूद, डेली डायरी (DD) नंबर वाली मुहरबंद पावती (acknowledgement) जारी नहीं की गई। याचिका में दिल्ली पुलिस को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे संज्ञेय अपराधों का खुलासा करने वाली लिखित शिकायतों पर DD नंबर के साथ मुहरबंद पावती अनिवार्य रूप से जारी करें। साथ ही, अधिकारियों से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और सिटीज़न चार्टर बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई, जिसके तहत दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों के लिए ऐसी पावती देना ज़रूरी हो—चाहे FIR तुरंत दर्ज की जाए या मामले को शुरुआती जांच के लिए भेजा जाए।
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