NDMC कनॉट प्लेस के ऐतिहासिक Super Bazar को PPP मॉडल से आधुनिक कॉम्प्लेक्स में बदलेगी

NDMC कनॉट प्लेस के ऐतिहासिक Super Bazar को PPP मॉडल से आधुनिक कॉम्प्लेक्स में बदलेगी
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नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने कनॉट प्लेस स्थित ऐतिहासिक सुपर बाजार परिसर को निजी निवेश के जरिए आधुनिक बाजार परिसर के रूप में पुनर्विकसित करने की योजना शुरू की है। इसके तहत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के लिए सलाहकार समूह की नियुक्ति की जा रही है, जो 33 हफ्तों में प्रक्रिया पूरी करेगा। वर्ष 1966 में शुरू हुआ यह प्रतिष्ठित स्टोर वित्तीय दिक्कतों के बाद 2002 में बंद हो गया था।

नयी दिल्ली, चार नवंबर नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कनॉट प्लेस के शंकर मार्केट के पास स्थित मशहूर सुपर बाजार इमारत को आधुनिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य निजी निवेश आकर्षित करना और नगर निकाय की संपत्ति से राजस्व जुटाना है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एनडीएमसी ने इस कार्य के लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार समूह नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो इमारत का आकलन करेगा, उसके सर्वोत्तम व्यावसायिक उपयोग की संभावना तलाशेगा, उसका मूल्य निर्धारण करेगा और डेवलपर चुनने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

इसके अलावा, सलाहकार समूह यह भी जांच करेगा कि क्या मौजूदा ढांचे को तोड़े बिना उसका पुनर्विकास किया जा सकता है। सुपर बाजार कभी दिल्ली के सबसे जाने-माने शॉपिंग स्थलों में से एक था और शहर के खुदरा क्षेत्र में एक लोकप्रिय नाम था। इसे 1966 में एक सहकारी डिपार्टमेंट स्टोर के रूप में स्थापित किया गया था।

यह खरीदारों के बीच काफी पसंदीदा स्थान बन गया था। इस स्थान पर एक ही छत के नीचे किराने का सामान, घरेलू वस्तुएं, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरत की अन्य चीजें मिल जाती थीं। कनॉट प्लेस के बीचों-बीच स्थित यह स्टोर दशकों तक ग्राहकों को आकर्षित करता रहा, लेकिन बाद में आर्थिक परेशानियों और कारोबार में गिरावट के कारण इसके कामकाज पर बुरा असर पड़ा।

2002 में इसके बंद होने के साथ ही दिल्ली के शॉपिंग इतिहास का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया, हालांकि यह इमारत आज भी इस इलाके की एक विशेषता बनी हुई है। नगर निकाय ने जुलाई 2025 में तकनीकी और वित्तीय लेनदेन सलाहकारों के चयन के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी करके इस परियोजना की शुरुआत की। इस कवायद का उद्देश्य एक सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल तैयार करना है, जो पुनर्विकास कार्य को दिशानिर्देशित करेगा।

एनडीएमसी के प्रस्ताव के तहत, सलाहकार समूह लगभग 33 हफ्तों में शुरुआती आकलन, मूल्यांकन और बोली लगाने की प्रक्रिया पूरी करेगा। इस परियोजना में संपत्ति की व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा, इसके बाजार मूल्य का अनुमान लगाया जाएगा, और इसे सबसे अधिक बोली लगाने वाले को पट्टे या लाइसेंस पर देने के लिए शर्तें तैयार की जाएंगी। एनडीएमसी ने नगर निकाय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव को जनवरी 2026 में अंतिम रूप दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि एनडीएमसी का लक्ष्य इस संपत्ति को एक आधुनिक ‘मार्केट कॉम्प्लेक्स’ के रूप में विकसित करना है, और अपनी प्रमुख रियल एस्टेट संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग करके गैर-कर राजस्व का एक स्थायी स्रोत तैयार करना है।

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