जिस Manjit Kaur को पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया, वह करीब 7 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी! मौत के बाद खुला बड़ा राज

चंडीगढ़ की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के बाद पोस्टमार्टम में उनके सात हफ्ते गर्भवती होने का पता चला है। मंजीत को कथित तौर पर शुभी और पिंडा ने अगवा कर पेड़ से बांधकर आग लगा दी थी। इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली मंजीत की मां की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
चंडीगढ़ की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत का मामला सुर्खियों में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मौत के समय मंजीत करीब 7 हफ्ते की प्रेग्नेंट थीं। मंजीत को कथित तौर पर चंडीगढ़ से अगवा करने के बाद मोरिंडा के पास एक जंगल में ले जाकर आग के हवाले किया गया था।
मंजीत को 3 और 4 जुलाई की दरम्यानी रात चंडीगढ़ के सेक्टर-34 बुलाया गया था। आरोप है कि वहां उनके परिचित शुभी और पिंडा ने उनके साथ मारपीट की, फिर उन्हें जबरन एक गाड़ी में बैठाया और मोरिंडा के पास जंगल में ले गए।
पेड़ से बांधकर आग लगाने का आरोप
मंजीत की मां कांता देवी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुभी और पिंडा के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, दोनों ने मंजीत को एक सुनसान जंगल वाले इलाके में ले जाकर पेड़ से बांध दिया और फिर उन्हें आग लगा दी।
पुलिस के मुताबिक, बाद में एक अन्य परिचित मौके पर पहुंचा। उसने कंबल की मदद से आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी मंजीत को पहले मोरिंडा के एक अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में चंडीगढ़ के PGIMER ले जाया गया।
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करीब दो महीने तक चला इलाज
मंजीत का PGIMER में इलाज चल रहा था। गंभीर रूप से झुलसने के करीब दो महीने बाद 26 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी प्रेग्नेंसी की बात सामने आई है। मंजीत की मौत के बाद पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनमें कथित तौर पर उनका अपहरण किया गया और उन पर हमला हुआ।
बयान दर्ज करने में देरी पर सवाल
इस मामले में मंजीत का बयान दर्ज करने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के दौरान मंजीत को होश आया था और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी।
बताया जा रहा है कि PGIMER पुलिस चौकी ने खरड़ सदर पुलिस को जानकारी दी थी कि मंजीत होश में हैं और बयान देने की स्थिति में हैं। यह जानकारी जांच अधिकारी तक भी पहुंचाई गई थी, लेकिन आरोप है कि वह बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। इस बातचीत और सूचना को लेकर PGIMER पुलिस चौकी में कथित तौर पर डेली डायरी रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी।
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मौत के बाद दर्ज हुई FIR
26 अगस्त को मंजीत की मौत के बाद PGIMER पुलिस चौकी ने एक बार फिर खरड़ सदर पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जांच अधिकारी अस्पताल पहुंचे। बाद में मंजीत की मां कांता देवी को सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनका बयान दर्ज किया गया। इसके बाद बुधवार रात FIR दर्ज की गई।
पुलिस अब मंजीत के कथित अपहरण, उन पर हुए हमले, आग लगाए जाने और उनकी मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही FIR में नामजद शुभी और पिंडा को तलाश कर गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
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